फैक्ट चेक: 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' वाले डस्टबिन की तस्वीर भ्रामक दावे के साथ हजारों में हुई शेयर

सोशल मीडिया पर एक डस्टबिन की फोटो वायरल हो रही है जिस पर "पाकिस्तान मुर्दाबाद" का पोस्टर चिपका है. डस्टबिन पर प्लास्टिक का सामान बनाने वाली कंपनी 'नीलकमल' का लोगो भी बना हुआ है. सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि "पाकिस्तान मुर्दाबाद" के पोस्टर वाली ये डस्टबिन 'नीलकमल' ने बनाई है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
प्लास्टिक का सामान बनाने वाली कंपनी 'नीलकमल' के बनाए डस्टबिन पर "पाकिस्तान मुर्दाबाद" लिखा है.
सच्चाई
ये फोटो उदयपुर रेलवे स्टेशन की है. फरवरी 2019 में किसी अज्ञात शख्स ने स्टेशन के कुछ डस्टबिन पर "पाकिस्तान मुर्दाबाद" वाले ये पोस्टर चिपका दिए थे. 'नीलकमल' कंपनी का इस पोस्टर से कोई लेना-देना नहीं है.

अर्जुन डियोडिया

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 6:18 PM IST

सोशल मीडिया पर एक डस्टबिन की फोटो वायरल हो रही है जिस पर "पाकिस्तान मुर्दाबाद" का पोस्टर चिपका है. डस्टबिन पर प्लास्टिक का सामान बनाने वाली कंपनी 'नीलकमल' का लोगो भी बना हुआ है. सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि "पाकिस्तान मुर्दाबाद" के पोस्टर वाली ये डस्टबिन 'नीलकमल' ने बनाई है. देखने में ये तस्वीर किसी रेलवे स्टेशन की लगती है जिसके प्लेटफॉर्म पर ये डस्टबिन रखा हुआ है.

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लोग इस फोटो के साथ कैप्शन में लिख रहे हैं, "नीलकमल प्लास्टिक वाले ने तो दिल खुश कर दिया हमें भी ऐसे देशभक्तों से सामान लेना चाहिए...". यूजर्स का कहना है कि इस तरह डस्टबिन पर "पाकिस्तान मुर्दाबाद" का पोस्टर लगाकर 'नीलकमल' ने बहुत अच्छा और देशभक्ति का काम किया है. इसी कैप्शन के साथ फेसबुक और ट्विटर पर हजारों लोग इस तस्वीर को शेयर कर चुके हैं.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये फोटो उदयपुर रेलवे स्टेशन की है जब फरवरी 2019 में किसी अज्ञात शख्स ने स्टेशन के कुछ डस्टबिन पर "पाकिस्तान मुर्दाबाद" वाले ये पोस्टर चिपका दिए थे. 'नीलकमल' कंपनी का इस पोस्टर से कोई लेना देना नहीं है.

कैसे पता की सच्चाई?

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कुछ कीवर्ड की मदद से खोजने पर हमें इस डस्टबिन को लेकर 'पत्रिका' की वेबसाइट पर एक खबर मिली. 22 फरवरी 2019 को प्रकाशित इस खबर में बताया गया था कि उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन के डस्टबिन पर किसी अज्ञात शख्स ने "पाकिस्तान मुर्दाबाद' लिखे पोस्टर चिपका दिए थे. यह घटना पुलवामा आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद की है. खबर के अनुसार, रेलवे अधिकारियों को इस बात का पता नहीं चल सका था कि डस्टबिन पर यह पोस्टर किसने और कब चिपकाए. पोस्टर के बारे में जानकारी मिलने के बाद तुरंत ही पोस्टर हटवाए गए थे. स्टेशन के लगभग 10 से 12 डस्टबिन पर ये पोस्टर किसी ने चिपका दिए थे.

उस समय इस फोटो को लेकर "उदयपुर टाइम्स" नाम के एक पोर्टल ने भी खबर प्रकाशित की थी. पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए हमने नीलकमल कंपनी को भी ईमेल लिखा. नीलकमल कंपनी के मार्केटिंग विभाग से हमें जवाब मिला कि पोस्ट में कही गई बात सरासर झूठ है.

कंपनी का कहना है कि नीलकमल अपने डस्टबिन पर इस तरह के मैसेज ना ही चिपकाता है और ना ही प्रिंट करता है. नीलकमल के डस्टबिन पर कंपनी का लोगो होता है, नाम होता है और संपर्क करने की जानकारी होती है. कंपनी को इस बात कि कोई जानकारी नहीं है कि यह पोस्टर डस्टबिन पर किसने चिपकाए. नीलकमल लिमिटेड इस बात की सूचना लोकल पुलिस को भी देगा. इंटरनेट पर भी हमें नीलकमल के इस तरह के डस्टबिन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली.

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यहां पर इस बात कि पुष्टि हो जाती है कि दो साल से ज्यादा पुरानी उदयपुर रेलवे स्टेशन के डस्टबिन की तस्वीर को भ्रामक जानकारी के साथ शेयर किया जा रहा है. रेलवे स्टेशन के डस्टबिन पर "पाकिस्तान मुर्दाबाद" वाले पोस्टर नीलकमल की तरफ से नहीं बल्कि किसी अज्ञात द्वारा चिपकाए गए थे.

 

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