फैक्ट चेक: सनी देओल ने बीजेपी को नहीं कहा गुंडों की पार्टी, वायरल पोस्टकार्ड फर्जी है

सोशल मीडिया पर सनी देओल के नाम से एक पोस्टकार्ड वायरल है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने बीजेपी को गुंडों की पार्टी बताकर इस्तीफा दे दिया है. आजतक ने इस वायरल पोस्टकार्ड का फैक्ट चेक किया है...

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
अभिनेता सनी देओल ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि गुंडों की पार्टी है.
सच्चाई
सनी देओल ने, न तो बीजेपी के खिलाफ ऐसा कोई बयान दिया है और न ही उनके औपचारिक इस्तीफे की सार्वजनिक तौर पर कोई जानकारी है.

ऋद्धीश दत्ता

  • कोलकाता,
  • 03 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:04 PM IST

बॉलीवुड एक्टर और गुरदासपुर से पूर्व बीजेपी सांसद सनी देओल का बयान बताकर एक पोस्टकार्ड सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसके जरिए दावा किया जा रहा है कि सनी देओल ने बीजेपी को ‘गुंडों की पार्टी’ बताते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.

इस पोस्टकार्ड में लिखा है, “सनी देओल अभिनेता ने कहा, मैं BJP पार्टी से इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि BJP कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि यह गुंडा, स्कूल छोड़ने वाले अशिक्षित, बेरोजगारों और ब्रेनवाश किए हुए बेवकूफों का संगठित गिरोह है. जो हमेशा देश को तोड़ने का काम करता है!”

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फेसबुक पर पर भी इसी दावे के साथ ये पोस्टकार्ड वायरल है. हजारों लोग इसे शेयर कर चुके हैं. आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये पोस्टकार्ड पूरी तरह से फर्जी है. सनी देओल ने, न तो बीजेपी के खिलाफ ऐसा कोई बयान दिया है और न ही उनके औपचारिक इस्तीफे की सार्वजनिक तौर पर कोई जानकारी है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

अगर सनी देओल ने वाकई बीजेपी से औपचारिक रूप से इस्तीफा दिया होता या पार्टी के खिलाफ इस तरह का कोई बयान दिया होता तो तमाम मीडिया संस्थानों ने इसपर खबरें छापी होतीं. लेकिन हमें ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.

बता दें कि देओल 23 अप्रैल, 2019 को बीजेपी में शामिल हुए थे. इसके बाद उन्हें पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से टिकट मिला और वो चुनाव जीतकर सांसद बने. 

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मनीकंट्रोल की अगस्त 2023 की एक रिपोर्ट के मुताबिक देओल ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ही साफ कर दिया था कि वो 2024 का चुनाव नहीं लड़ेंगे. उनका कहना था कि वो राजनीति और अभिनय दोनों को एक साथ नहीं निभा पा रहे हैं. इसी वजह से उन्होंने एक्टिंग पर फोकस करने का फैसला किया.

देओल ने कहा था, “एक्टिंग की दुनिया में मेरा जो दिल करे, वो मैं कर सकता हूं. लेकिन राजनीति में अगर मैं कोई कमिटमेंट कर दूं और उसे पूरा न कर पाऊं, तो ये मुझे बर्दाश्त नहीं होता. मैं ऐसा नहीं कर सकता.”

पठानकोट के मौजूदा विधायक और पंजाब बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अश्विनी कुमार शर्मा ने हमें बताया कि देओल ने चुनाव लड़ने को लेकर जरूर मना किया था लेकिन उनके आधिकारिक तौर पर पार्टी से इस्तीफा देने को लेकर कोई सूचना नहीं है.

देओल की राजनीतिक सक्रियता को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने संसद में सिर्फ एक सवाल पूछा और उनकी उपस्थिति भी महज 18 प्रतिशत रही. चुनाव जीतने के बाद उन पर अपने लोकसभा क्षेत्र में कम दिखने के आरोप भी लगे थे. गुरदासपुर के एक निवासी ने तत्कालीन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सनी देओल की सदस्यता रद्द करने तक की मांग भी कर दी थी.

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कुल मिलाकर साफ है कि सनी देओल के नाम से एक फर्जी पोस्टकार्ड शेयर किया जा रहा है.

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