इंडिया टुडे कॉनक्लेव 2017 के सत्र 'क्या नई टेक्नोलॉजी भारत को बदल देगी' पर उद्योगपति मुकेश अंबानी ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे के एडिटोरियल डायरेक्टर राज चेनगप्पा ने की. मुकेश अंबानी ने कॉनक्लेव 2017 के थीम दि ग्रेट डिसरप्शन पर बोलते हुए कहा कि इंडिया टुडे इज ग्रेट लेकिन इंडिया टुमॉरो विल बी फैंटास्टिक.
मुकेश अंबानी के कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी. आज हम पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुके हैं. मुकेश अंबानी ने कहा कि 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी क्रांति के सहारे भारत सुपर पावर बनने के लिए तैयार है. अंबानी के मुताबिक सुपर पॉवर बनने के लिए इन चार बातों को ध्यान में रखने की जरूरत-
1. 18वीं सदी में इंडस्ट्रियल क्रांति से वैश्विक आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र भारत और चीन से बदलकर यूरोप बन गया था. इंडस्ट्रियल क्रांति के सहारे यूरोप ने विश्व अर्थव्यवस्था पर लगभग 100 साल तक काबिज रहा.
2. 19वीं सदी में प्रोडक्शन और मैन्यूफैक्चरिंग के सहारे अमेरिका आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बना औरयूरोप के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक काबिज रहा.
3. वहीं 20वीं सदी में इलेक्ट्रॉनिक क्रांति के सहारे सबसे ज्यादा फायदा अमेरिका और जापान को हुआ. इस क्रांति में चीन ने भी अहम किरदार निभाया और विश्व के लिए मैन्यूफैक्चरिंग हब बनकर वह सुपर पावर बनने में सफल रहा.
4. अब 21वीं सदी में चौथा इंडस्ट्रियल क्रांति का समय आ चुका है. इस युग में डिजिटल और बायोलॉजिकल साइंस वैश्विक आर्थिक शक्तियों को एक बार फिर से परिभाषित करने जा रहा है. यह युग मोबाइल इंटरनेट, क्लाउड कंप्यूटिंग और कनेक्टिविटी के सहारे नया ग्लोबल प्लेयर तैयार करेगा. इस युग में एक्सपोनेनशियल ग्रोथ के सहारे भारत दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर सकती है.
राज चेंगप्पा