इंडिया टुडे कॉनक्लेव 2017 के सत्र कनवर्सेशन में लव स्टोरी ऑर हेट टेल में पाकिस्तान के भारत में उच्चायुक्त अब्दुल बासित और पूर्व भारतीय उच्चायुक्त गोपालास्वामी पार्थासार्थी ने हिस्सा लिया. इस सत्र का संचालन गौरव सावंत ने किया. गौरव ने अब्दुल बासित और गोपालास्वामी से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में अहम मुद्दों पर सवाल के साथ सत्र की शुरुआत करते हुए पूछा कि आखिर क्यों 26/11 मुंबई हमलों के गुनहगारों को सजा नहीं दी जा रही है?
26/11 और 1993 सीरियल धमाकों के गुनहगार पाक में सुरक्षित
अब्दुल बासित ने कहा कि 26/11 ट्रायल पर दोनों देश संपर्क में हैं. यह एक पेचीदा ट्रायल है लिहाजा समय लग रहा है. हालांकि बासित ने कहा कि भारत ने भी समझौता ब्लास्ट के गुनहगारों को सजा देने के लिए कुछ नहीं किया है. बासित के इस तर्क पर गोपालास्वामी ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान अभी तक 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के गुनहगार दाऊद इब्राहिम को सजा नहीं दे पाए हैं. ऐसे में 26/11 के गुनहगारों को सजा मिलेगी इसकी भारत की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए.
भारत-पाक वार्ता जरूरी
अब्दुल बासित ने कहा कि 26/11 के गुनहगारों को सजा देने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए बेहद जरूरी है कि दोनों देश बातचीत शुरू करें. बासित के मुताबिक बिना बातचीत के गंभीर मुद्दों को नहीं हल किया जा सकता. वहीं पूर्व भारतीय उच्चायुक्त गोपालास्वामी ने कहा कि बातचीत शुरू होने से पहले पाकिस्तान को एक सच्चाई पर गौर करने की जरूरत है. गोपालास्वामी ने कहा कि दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में छिपा रहा. पाकिस्तान को भारत से बातचीत शुरू करने से पहले सभी तरह के आतंकवाद को सहारा देने का काम बंद करने की जरूरत है. गोपालास्वामी के मुताबिक इस बातचीत के केन्द्र में आतंकवाद और उससे पैदा होने वाली चुनौतियों को रखने की जरूरत है.
पाक साफ है पाकिस्तान-अब्दुल बसित
भारतीय उच्चायुक्त गोपालास्वामी ने कहा कि पाकिस्तान की कुछ सच्चाई को हम नजरअंदाज नहीं कर सकते. पाकिस्तान को कोई सरकार नहीं चलाती बल्कि इसे पाकिस्तान की सेना चलाती है. लिहाजा, इस बात को ध्यान में रखते हुए भारत की कोशिश अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने की होनी चाहिए जिसके लिए जरूरी है कि पाकिस्तान इस बात की गारंटी दे की सरहद पार से आतंकी वारदातों को अंजाम नहीं दिया जाएगा. इस बात पर अब्दुल बासित ने दावा किया कि पाकिस्तान की सीमा में आतंकवादियों के ट्रेनिंग कैंप मौजूद नहीं हैं. वहीं आंतकवाद की समस्या दोनों पाकिस्तान और भारत के लिए चुनौती है जिसे आपसी बातचीत से हल करने की जरूरत है.
गौरव सावंत