दिल्ली हाइकोर्ट ने भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी की याचिका पर नेटफ्लिक्स को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. हाइकोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से भी जवाब मांगा है. याचिका में नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री 'बैड बॉय बिलियनेयर्स' की प्री-स्क्रीनिंग करने की मांग की गई है. इसके अलावा डॉक्यूमेंट्री की रिलीज पर भी रोक की मांग की गई है.
मेहुल चोकसी की याचिका में कहा गया है कि नेटफ्लिक्स पर इस डॉक्यूमेंट्री को दिखाए जाने से पहले इसको हमें दिखाया जाए. हाईकोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर की तारीख तय की है. अगली सुनवाई से पहले नेटफ्लिक्स को अपना जवाब दाखिल करना होगा. नेटफ्लिक्स की इस डॉक्यूमेंट्री को 2 सितंबर को रिलीज किया जाना था. लेकिन बिहार में अररिया और हैदराबाद की कोर्ट के स्टे के बाद इस डॉक्यूमेंट्री को फिलहाल दिखाने पर रोक है. गीतांजलि जेम्स के प्रवर्तक मेहुल चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी पर 13,500 करोड़ रुपये की पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी का आरोप है.
लालच, फरेब और भ्रष्टाचार को बयां करती ये डॉक्यूमेंट्री
नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री में मेहुल चौकसी के साथ साथ भारत के सर्वाधिक कुख्यात उद्योगपतियों के लालच, फरेब और भ्रष्टाचार को बयां किया गया है जिसमें भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या, नीरव मोदी के साथ-साथ सुब्रत रॉय और बी राजू रामलिंग राजू के विवादित मामलों को डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा बनाया गया है. नेटफ्लिक्स इंक और नेटफ्लिक्स इंटरटेनमेंट सर्विसेज इंडिया की तरफ से कोर्ट में कहा गया है कि यह वेब सीरिज नीरव मोदी जैसे कई लोगों पर है और इसमें चोकसी पर सिर्फ दो मिनट है. मेहुल चौकसी ने इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के सामने भी इस याचिका को लगाया था जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था. सिंगल बेंच ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि वह इस मामले में इस याचिका को सुनवाई योग्य नहीं मानते हैं.
सिंगल बेंच से याचिका के खारिज होने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के डबल बेंच के सामने मेहुल चोकसी ने फिर अपील दाखिल की थी. जिसपर सोमवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नेटफ्लिक्स और केंद्र से जवाब दाखिल करने को कहा है. मेहुल चोकसी पहले ही देश छोड़ कर भाग चुके हैं और फिलहाल एंटीगुआ में रह रहे हैं.
पूनम शर्मा