सुशांत केस: बिहार IPS विनय को क्वारंटीन से छुड़ाने के लिए कोर्ट जा सकती है बिहार पुलिस

बिहार के डीजीपी गुप्तेशवर पांडे ने कहा है कि राज्य पुलिस विनय तिवारी को वापस बिहार ले जाने के लिए कोर्ट जाने पर भी विचार कर रही है.

सुशांत सिंह राजपूत
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 1:52 PM IST

मुंबई पुलिस से तनातनी के बाद बिहार पुलिस अब बीएमसी के रवैये से भी काफी परेशान नजर आ रही है. दरअसल सुशांत सिंह राजपूत निधन केस की जांच करने मुंबई पहुंचे पटना सिटी एसपी विनय तिवारी को बीएमसी ने 14 दिनों के लिए क्वरानटीन कर दिया था. इसके बाद से ही बिहार पुलिस उनकी रिलीज के लिए काफी प्रयास कर रही है.

बिहार के डीजीपी गुप्तेशवर पांडे ने कहा है कि राज्य पुलिस विनय तिवारी को वापस बिहार ले जाने के लिए कोर्ट जाने पर भी विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि 'हमने बीएमसी को कई रिक्वेस्ट्स भेजी हैं कि वे विनय तिवारी को रिलीज कर दें, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ. हम आज के दिन का और इंतजार कर रहे हैं. इस दौरान हम अपने एडवोकेट जनरल से लीगल ओपिनियन लेंगे और अपने अगले एक्शन को लेकर विचार करेंगे. विनय तिवारी को रिलीज कराने के लिए कोर्ट जाने का ऑप्शन पर भी हम ध्यान दे रहे हैं.'

बता दें कि विनय तिवारी रविवार की रात से ही 14 दिनों के क्वारनटीन पर हैं. वे सुशांत सिंह राजपूत की मौत के केस के सिलसिले में अपनी टीम के साथ मुंबई पहुंचे थे लेकिन उन्हें क्वरानटीन कर दिया गया था. अब उन्हें गेस्ट हाउस में 15 अगस्त तक क्वरानटीन रहना होगा.

इससे पहले पटना के जोनल आईजी संजय कुमार ने बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल को एक लेटर लिखा था जिसमें उन्होंने विनय तिवारी को छूट देने की गुजारिश की थी क्योंकि वे ऑफिशियल ड्यूटी पर थे. बीएमसी ने हालांकि भारत सरकार की गाइडलाइन्स का हवाला देते हुए विनय तिवारी को क्वरानटीन में छूट देने से मना कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने भी लगाई थी बीएमसी को फटकार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में कहा था कि बिहार के पुलिस अधिकारी को क्वारनटीन करना सही संदेश नहीं देता है. बहुत से लोग इस समय बिहार पुलिस, मुंबई पुलिस और कोर्ट पर नजरें गड़ाए हुए है. महाराष्ट्र सरकार को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि सब कुछ प्रोफेशनल तरीके से हो. हालांकि इसके बावजूद बीएमसी ने इस मामले में कोई नरमी नहीं दिखाई है.

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