Movie Review: फैमिली एंटरटेनर है 'हैप्पी भाग जाएगी'

आनंद एल. राय छोटे शहरों की बड़ी कहानियां कहने के लिए बॉलीवुड में जाने जाते हैं. उनकी 'तनु वेड्स मनु' की पृष्ठभूमि जहां कानपुर और हरियाणा की रही वहीं रांझणा में वे बनारस की कहानी लेकर आए. इस बार वह हैप्पी भाग जाएगी के प्रोड्यूसर हैं और मुदस्सर अजीज डायरेक्टर. जानें कैसी है फिल्म...

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'हैप्पी भाग जाएगी' 'हैप्पी भाग जाएगी'

नरेंद्र सैनी

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 11:22 PM IST

रेटिंगः 2.5 स्टार
डायरेक्टरः मुदस्सर अजीज
कलाकारः डायना पैंटी, अभय देओल, अली फजल, जिमी शेरगिल और पीयूष मिश्र

आनंद एल. राय छोटे शहरों की बड़ी कहानियां कहने के लिए बॉलीवुड में जाने जाते हैं. उनकी 'तनु वेड्स मनु' की पृष्ठभूमि जहां कानपुर और हरियाणा की रही वहीं रांझणा में वह बनारस की कहानी लेकर आए. इस बार वह फिल्म के प्रोड्यूसर हैं और मुदस्सर अजीज डायरेक्टर. फिल्म की कहानी अमृतसर से शुरू होती है और पाकिस्तान की गलियों तक जा पहुंचती है. फिल्म का कॉन्सेप्ट दिलचस्प था लेकिन फिल्म का प्लॉट दूसरे हाफ में पटरी से उतर जाता है, और हंसी ठहाके लंबे-लंबे सीन्स में उलझकर रख जाते हैं. इस तरह फिल्म गच्चा खा जाती है.

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कहानी की बात
डायना पैंटी (हैप्पी) एक लड़के से प्यार करती है, उसकी शादी जिमी शेरगिल से हो रही होती है. लेकिन वह अली से प्यार करती है. इस तरह वह घर से भागती है और उसका एक गलत कदम उसे पाकिस्तान पहुंचा देता है. उसकी मुलाकात अभय देओल से होती है. इस तरह फिल्म भारत और पाकिस्तान दोनों ओर चलती है, लेकिन दोनों ही के केंद्र में रहती है तो हैप्पी. बेशक फिल्म का टाइटल डायना पैंटी के कैरेक्टर पर है, लेकिन फिल्म अली, अभय और जिमी के कंधों पर चलती है. वैसे शादी के मंडप से भागने का बॉलीवुड का लंबा इतिहास रहा है, और 'कटी पतंग' से लेकर 'जब वी मैट' तक जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी का स्वाद भी चख चुकी हैं. दूसरे हाफ के कमजोर होने की वजह से फिल्म अपनी चमक खो बैठती है.

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स्टार अपील
'कॉकटेल' के चार साल बाद बॉलीवुड में वापसी कर रही डायना ने अच्छा काम किया है. लेकिन डायरेक्टर जानते थे कि वह चार साल बाद लौटी हैं इसलिए उन्होंने मेल स्टारकास्ट को ज्यादा मजबूती से पेश किया है. अभय देओल की मंजी हुई अदाकारी दिल जीत लेती है. फिर जिमी शेरगिल की तो आनंद एल राय ने अपनी फिल्मों में ऐसी तकदीर बना दी है कि 'हाथ तो आया मुंह न लगाया' वाली कहावत बखूबी चरितार्थ होती है. वह ऐसे रोल के मामले मे काफी अनुभवी हैं. अली फजल ने भी अच्छी एक्टिंग की है. सरप्राइज पैकेज मोमल शेख हैं. आने वाली फिल्मों में उन पर नजर रहेगी. फिर सीनियर एक्टर पीयूष मिश्र के वनलाइनर कमाल हैं.

कमाई की बात
'हैप्पी भाग जाएगी' एक मिड बजट फिल्म है और आनंद एल राय की खासियत रही है कि वह कम बजट में शानदार फिल्म बना लेते हैं. अतीत में वह इसकी मिसाल कायम करते आए हैं. इस बार वे थोड़ा चूकते दिखे हैं. फिल्म का म्यूजिक ठीक-ठाक है. कहानी काफी सिंपल है. कुल मिलाकर यह एक औसत फैमिली एंटरटेनर है.

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