Laal Singh Chaddha के 'मलेरिया' वाले डायलॉग पर बोलीं मोना सिंह- 'जिन्हें दिक्कत है, उन्होंने फिल्म पक्का नहीं देखी '

आमिर खान की फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' बॉक्स ऑफिस पर कुछ कमाल तो नहीं कर पाई. मगर इसे लकर सोशल मीडिया पर लोगों ने बवाल बहुत किया. फिल्म का एक डायलॉग पिछले दिनों सोशल मीडिया पर लोगों के गुस्से की वजह रहा, जिसमें धर्म को मलेरिया बताया गया. फिल्म की एक्ट्रेस मोना सिंह ने अब इस डायलॉग पर अपनी सफाई दी है.

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'लाल सिंह चड्ढा' में मोना सिंह 'लाल सिंह चड्ढा' में मोना सिंह

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 20 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST

'लाल सिंह चड्ढा' (laal Singh Chaddha) से आमिर खान (Aamir Khan) बॉक्स ऑफिस पर तो कोई जादू नहीं कर पाए. मगर इस फिल्म को लेकर विवाद काफी हुए. हाल ही में खबर आई थी कि दिल्ली के एक वकील ने आमिर खान और 'लाल सिंह चड्ढा' से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत की है, जिसमें एक आरोप 'धार्मिक भावनाएं आहत करना' भी है. 

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शिकायत करने वाले को फिल्म में दिखाए एक सीन से आपत्ति थी. इस सीन में एक पाकिस्तानी किरदार, आमिर खान के लीड कैरेक्टर लाल से पूछता है, 'मैं नमाज पढ़ता हूं और दुआ करता हूं. तुम्हें कभी ये सब करते नहीं देखा.' इसके जवाब में लाल कहता है कि उसकी मां ने कहा है 'पूजा पाठ मलेरिया है. इससे दंगे हो जाते हैं.' 

इस डायलॉग को लेकर सोशल मीडिया पर आमिर और फिल्म को काफी ट्रोलिंग भी झेलनी पड़ी है. अब 'लाल सिंह चड्ढा' एक्ट्रेस मोना सिंह (Mona Singh) ने इस डायलॉग को लेकर सफाई दी है. 

मोना ने किया डायलॉग का बचाव 

फिल्म में मोना गुरप्रीत कौर चड्ढा का किरदार निभा रही हैं, जो लाल की मां है. फिल्म में वो दंगों के माहौल में अपने बेटे को बाहर जाने से रोकने के लिए कहती हैं कि बाहर 'मलेरिया फैला हुआ है.'

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इस डायलॉग का बचाव करते हुए मोना ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, 'मुझे लगता है कि जिन व्यक्तियों ने इस लाइन से आपत्ति जताई है, उन्होंने यकीनन फिल्म नहीं देखी है. (फिल्म में) मेरा बेटा लाल जैसा है, वो एक धीमा बच्चा है और चीजें तभी समझता है जब मैं उन्हें अच्छे से समझाती हूं. उस उम्र में. आप एक बच्चे को नहीं बता सकते कि दंगे चल रहे हैं और लोग एक दूसरे की जान ले रहे हैं. सबसे अच्छा हल क्या है- जैसे मां ऐसी बड़ी चीजों को बहुत खूबसूरती से समझाती है 'देश में मलेरिया फैला हुआ है'. वो सीधा समझ जाता है कि ये घर से बाहर आने का सही समय नहीं है.' 

फिल्म में कुछ भी पॉलिटिकल नहीं

मैंने अपने भांजे के लिए कभी बंदूकें (खिलौने वाली) नहीं खरीदी. मैंने लेगो, किताबें और बाकी खिलौने खरीदे हैं. आप उन्हें बंदूकें नहीं थमा सकते या फिर मौतों के बारे से जुड़ी बातें नहीं कर सकते.' मोना ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने यह फिल्म देखी है, उन्होंने ये सवाल नहीं उठाया. ये बहुत सिंपल बात है. इसमें बुरा मानने जैसा कुछ भी नहीं है, फिल्म में कुछ भी पॉलिटिकल चीज नहीं है.

 

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