यूपी के जाट लैंड में सियासी माहौल फिर से गर्म है. इस बार मुद्दा 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों का दर्द होगा या फिर किसान आंदोलन से उठे मुद्दों का असर दिखेगा? इसी की पड़ताल के लिए आजतक की टीम मुजफ्फरनगर के काकड़ा गांव पहुंची, जहां 2013 के दंगों में 3 जाटों की हत्या हुई थी. 2014 और 2017 में ये गांव पूरी तरह से बीजेपी के साथ खड़ा था. क्या 2022 के चुनाव में भी है दंगों का असर है? क्या फिर से हिंदू मुस्लिम के आधार पर वोट पड़ेंगे या फिर इस बार मामला बदला हुआ है? कुमार कुणाल की ये रिपोर्ट देखिए.