लोकसभा चुनाव का पहला चरण शुरू होने में कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन इससे पहले समाजवादी पार्टी में आधिकारिक तौर पर घोषणा होने के बावजूद टिकट बदले जा रहे हैं. सपा अब तक 8 से ज्यादा लोकसभा सीटों पर टिकट बदल चुकी है. मेरठ में अतुल प्रधान का टिकट कटने के बाद कई और लोकसभा सीटों पर टिकट बदलने की चर्चा जोरों पर है. इसी बीच लखनऊ से रविदास मेहरोत्रा की जगह सपा द्वारा किसी दूसरे चेहरे को टिकट देने की चर्चा भी जोरों पर है. हालांकि सपा विधायक और पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा इसे सिर्फ अफवाह करार दे रहे हैं.
आजतक से बातचीत में रविदास ने कहा कि मेरी कोशिश है कि बूथ लेवल पर पार्टी को मजबूत कर अखिलेश यादव के निर्देशानुसार घर-घर पहुंचकर सपा की नीतियों का प्रचार कर सकूं, जिस दिन से मेरे नाम का ऐलान हुआ है, उस दिन से लगातार मैं अपने सहयोगी कार्यकर्ताओं के साथ लगा भी हूं. टिकट कटने की खबर को लेकर रविदास ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, पार्टी मेरे काम को देख रही है और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुझसे नाराज़ भी नहीं हैं, यह बातें निराधार हैं.
रविदास ने कहा कि लखनऊ में इस बार कमल का फूल खिलने नहीं देंगे और साइकिल का पहिया वापस राजधानी को विकास के ट्रैक पर लाएगा. हालांकि कन्नौज में जब अखिलेश यादव से लगातार टिकट बदलने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि चुनाव में यह सब आम है, पार्टी बेहतर प्रदर्शन करे, हर नेता की यही कोशिश रही है. हालांकि सपा ही नहीं, बसपा भी 2 बार और कांग्रेस एक बार अपने उम्मीदवार में फेरबदल कर चुकी है.
उधर, बीजेपी ने लगातार बदले जा रहे प्रत्याशियों को लेकर सपा को घेरा है. बीजेपी कह रही है कि सपा को ढूंढे प्रत्याशी नहीं मिल रहे. इस पर सपा ने बीजेपी द्वारा बाराबंकी के सांसद का टिकट बदलने पर पलटवार किया है.
समर्थ श्रीवास्तव