झारखंड: दूसरे चरण की 20 सीटों के लिए आज नामांकन, JMM-BJP में बराबर की टक्कर

झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 20 सीटों के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है, जो 18 नवंबर तक जारी रहेगी. 19 नवंबर को नामांकन-पत्रों की जांच होगी और 21 नवंबर को नामांकन वापस लिए जा सकते हैं. जेपी और जेएमएम का मजबूत गढ़ माना जाता है.

रघुवर दास और हेमंत सोरेन
कुबूल अहमद
  • नई दिल्ली,
  • 11 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:05 AM IST

  • झारखंड चुनाव के दूसरे चरण की 20 सीटों पर 7 दिसंबर को वोटिंग
  • दूसरे चरण की 20 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया आज से शुरू

झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 20 सीटों के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है, जो 18 नवंबर तक जारी रहेगी. 19 नवंबर को नामांकन-पत्रों की जांच होगी और 21 नवंबर को नामांकन वापस लिए जा सकते हैं. जबकि, दूसरी चरण की 20 सीटों पर 7 दिसंबर को मतदान होंगे. पहले चरण की तरह ही दूसरा चरण भी नक्सल प्रभावित इलाका है. बीजेपी और जेएमएम का मजबूत गढ़ माना जाता है.

दूसरे चरण की ये हैं सीटें

झारखंड विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण में प्रदेश की बहराघोड़ा, घाटशिला, पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्व, जमशेदपुर पश्चिम, सरायकेला, चाईबासा, मझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर, चक्रधरपुर, खरसावां, तमाड़, तोरपा, खूंटी, मांडर, सिसई, सिमडेगा और कोलेबिरा सीटें शामिल हैं. चरण में कोल्हान की 13 विधानसभा सीटें, रांची जिले की दो सीटें तमाड़ और मांडर, खूंटी जिले की दो सीटें खूंटी और तोरपा, सिमडेगा की सिमडेगा और कोलेबिरा व गुमला की सिसई विधानसभा सीट भी शामिल है.

20 सीटों पर 2014 के समीकरण

बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण की 20 सीटों में से बीजेपी ने 8 पर कब्जा जमाया था. जबकि जेएमएम ने 9 सीटें जीती थीं. विधानसभा चुनाव से ऐन पहले बहरागोड़ा के जेएमएम विधायक कुणाल षाड़ंगी ने हेमंत सोरेन का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है. कोलेबिरा में उपचुनाव जीतने और मझगांव की निर्दलीय विधायक को लोकसभा सांसद भेजकर कांग्रेस अपने दो सीटें अपने कब्जा कर रखा है. इसके अलावा बीजेपी की सहयोगी एजेएसयू जुगसलाई सीट पर काबिज है.

लोकसभा चुनाव के आधार पर समीकरण

लोकसभा चुनाव में बीजेपी इस इलाके में पिछड़ गई थी. दूसरे चरण की जिन 8 सीटों पर बीजेपी के विधायक हैं. लोकसभा चुनाव के वोटिंग पैटर्न को देखें तो बीजेपी अपनी जीती हुई तीन विधानसभा सीटों पर पीछे रह गई थी. हालांकि पांच सीटों पर उसने बढ़त बना रखी थी.

इसके अलावा बची बाकी 12 सीटों में से 2 बीजेपी की सहयोगी पार्टी एजेएसयू ने बढ़त बरकरार रखा था. जबकि 10 सीटों में से 8 सीटें जेएमएम ने जीती थीं. लेकिन लोकसभा चुनाव में जेएमएम अपनी जीती हुई तीन सीटों पर पिछड़ गई थी. खास बात ये है कि पिछड़ने वाली सीटों में से ही बहरागोड़ा के विधायक कुणाल षाड़ंगी अब भाजपा में हैं. अपनी पिछली बार की जीती 5 सीटों पर जेएमएम की सहयोगी कांग्रेस को लोकसभा में बढ़त मिली थी.

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