झारखंड में तीसरे चरण का चुनाव प्रचार थमा, अब 12 दिसंबर को होगा मतदान

झारखंड के तीसरे चरण के मतदान के लिए मंगलवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया. इस चरण में सूबे की 17 विधानसभा सीटों पर 309 प्रत्याशी मैदान में है. इन सभी सीटों पर 12 दिसंबर को वोटिंग होगी.

झारखंड में पीएम नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी नेता
कुबूल अहमद
  • नई दिल्ली,
  • 10 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST

  • झारखंड के तीसरे चरण की 17 सीटों पर 12 दिसंबर को मतदान
  • तीसरे चरण में BJP सहित कई दिग्गज नेताओं की साख दांव पर

झारखंड विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान से प्रदेश की राजनीति की दशा और दिशा तय हो जाएगी. तीसरे चरण की 17 विधानसभा सीटों पर 309 प्रत्याशी मैदान में है. इन सभी सीटों पर 12 दिसंबर को वोटिंग होगी. इससे पहले मंगलवार शाम पांच बजे इस चरण का चुनाव प्रचार थम गया. इस चरण में बीजेपी के लिए अपनी जमीन बचाने की चुनौती होगी, तो आजसू प्रमुख सुदेश महतो और जेवीएम प्रमुख बाबूलाल मरांडी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है.

झारखंड के तीसरे चरण की 17 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं ,जिनमें कोडरमा, बरकट्ठा, बरही, बड़कागांव, रामगढ़, मांडू, हजारीबाग, सिमरिया, राजधनवार, गोमिया, बेरमो, ईचागढ़, सिल्ली, खिजरी, रांची, हटिया और कांके सीट शामिल है.

2014 के नतीजे 17 सीटों पर

साल 2014 के विधानसभा चुनाव में इन 17 सीटों में 7 पर बीजेपी, तीन पर जेएमएम, तीन पर जेवीएम, दो पर कांग्रेस और एक-एक सीट पर आजसू व माले के उम्मीदवार जीत कर आए थे. चुनाव के बाद जेवीएम से जीतकर आए विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया था. इसके अलावा बरही सीट से कांग्रेस से जीते मनोज यादव और मांडू सीट से जेएमएम से जीते जयप्रकाश ने चुनाव से ऐन पहले बीजेपी में शामिल हो गए हैं.

दलबदलुओं की अग्निपरीक्षा

तीसरे चरण की 17  विधानसभा सीटों में से 13 विधानसभा सीटों पर मौजूदा विधायक चुनाव लड़ रहे हैं. इस बार चार सीटों पर दलबदल कर चुनावी जंग में उतरे पुराने चेहरों का भी नफा-नुकसान तय होगा. इस चरण में दो मंत्रियों के भाग्य का भी फैसला होना है. इनमें कोडरमा से मंत्री नीरा यादव और रांची से मंत्री सीपी सिंह को पार्टी ने एक बार फिर मैदान में उतारा है.

इस बार आजसू अकेले अपने दम पर चुनाव में है. उसकी नजर इस चरण की कई सीटों पर है. आजसू को अपनी ताकत बढ़ानी है, तो उसके लिए यह चरण महत्वपूर्ण है. आजसू ने मांडू, गोमिया, सिमरिया, बड़कागांव, ईचागढ़, रामगढ़, सिल्ली सहित कई सीटों को फोकस किया है.

राजधनवार सीट: राजधनवार में माले को अपना गढ़ बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है. इस सीट से जेवीएम प्रमुख बाबूलाल मरांडी मैदान में हैं. राजधनवार सीट से बीजेपी ने आईजी रहे लक्ष्मण प्रसाद सिंह को मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है.

रांची सीट: रांची विधानसभा का चुनावी घमासान इस बार चार बार विधायक रहे नगर विकास मंत्री सीपी सिंह और जेएमएम की महुआ माजी के बीच है. वहीं, आजसू से वर्षा गाड़ी चुनावी मैदान में उतरी हैं. महुआ साहित्यकार और महिला आयोग की अध्यक्ष रही हैं. वे पिछली बार भी इस सीट से जेएएमएम प्रत्याशी थीं. इस तरह से मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है.

सिल्ली सीट: सिल्ली से तीन बार विधायक रहे सुदेश महतो इस बार फिर यहां से उम्मीदवार हैं. वे पिछली बार 2014 में विधानसभा का चुनाव जेएमएम के अमित महतो से हार गए थे. अमित महतो के सजायाफ्ता हो जाने के कारण यहां की खाली हुई सीट पर हुए उपचुनाव में सुदेश महतो हार गए थे. उपचुनाव में अमित महतो की पत्नी सीमा महतो से हारे थे. सुदेश महतो के सामने इस बार फिर जेएमएम विधायक सीमा महतो मैदान में हैं.

बेरमो सीट:  बेरमो विधानसभा सीट पर भी काफी कड़ा मुकाबला माना जा रहा है. राज्य के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह का सामना अपने परंपरागत प्रतिद्वंदी योगेश्वर महतो बाटुल से है. राजेंद्र सिंह पिछली बार का चुनाव बाटुल से हार गए थे. इस बार फिर विधानसभा में वापसी के लिए जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं.

रामगढ़: गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी यहीं से जीतकर मंत्री बनते रहे हैं. इस बार चंद्रप्रकाश चौधरी की पत्नी सुनीता चौधरी आजसू के टिकट पर भाग्य आजमा रही हैं. गठबंधन टूट जाने के कारण बीजेपी ने भी यहां से उम्मीदवार दिया है. महागठबंधन की उम्मीदवार ममता देवी हैं.

बड़कागांव : पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पहले यहां से विधायक रहे. आपराधिक मामलों में फंसने के बाद उनकी पत्नी निर्मला देवी यहां से विधायक बनीं. निर्मला देवी के भी कई मुकदमों में आरोपी बनने के बाद उनकी बेटी अंबा प्रसाद कांग्रेस से लड़ रही हैं. आजसू से चंद्रप्रकाश चौधरी के भाई रोशन चौधरी यहां से मैदान में हैं. इस तरह से मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है.

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