जामिया से पढ़े जसीम बिना कोचिंग बने जज, यूनिवर्सिटी में आकर ली क्लास

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो नजमा अख्तर ने उन्हें विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया और उनका स्वागत किया. जसीम खान ने यहां भावी वकील या जज बनने जा रहे स्टूडेंट्स को पीसीएसजे परीक्षा पास करने के ये टिप्स भी दिए.

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जसीम खान ने एलएलबी स्टूडेंटस की ली क्लास जसीम खान ने एलएलबी स्टूडेंटस की ली क्लास

मानसी मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 4:47 PM IST

उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले जसीम खान ने दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से स्नातक की पढ़ाई की है. जसीन ने हाल ही में हुई यूपी PCS (J) परीक्षा में 36वीं रैंक हासिल की है.Aajtak.in में उनका इंटरव्यू आने के बाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो नजमा अख्तर ने उन्हें विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया और उनका स्वागत किया. जसीम खान ने यहां भावी वकील या जज बनने जा रहे स्टूडेंट्स को पीसीएसजे परीक्षा पास करने के ये टिप्स भी दिए.

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बता दें कि जसीम ने आईएएस परीक्षा के लिए पांच बार कोशिश की. अंत में इंटरव्यू में फेल होने के बाद उन्होंने अपना हौसला खो दिया था. लेकिन, कुछ ऐसा हुआ कि वो दोबारा उठे और जज के लिए तैयारी की. लगातार पांच बार सेलेक्शन न होने के बाद भीतर से परेशान हो गए थे. वो बताते हैं कि मेरे मन में आ गया था कि अब मैं कोई भी प्रतियोगी परीक्षा नहीं दूंगा, लेकिन ये मेरे घरवालों की हौसला आफजाई का नतीजा है कि मैंने जज की परीक्षा दी और पहली बार में ही इतनी अच्छी रैंक हासिल की.

मंगलवार को जामिया मिलिया इस्लामिया के फैकल्टी आफ लॉ ने जसीम अहमद के साथ एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया. जसीम ने छात्रों को कई सुझाव दिए और उनके सवालों के जवाब दिए. जसीम अहमद ने कहा कि मैंने जामिया से बहुत कुछ सीखा है. मुझे आत्मविश्वास यहीं से मिला है. शायद इसी वजह से मैं पहले प्रयास में UPPCS J निकाला है. उनसे इस सत्र में परिचय और प्रश्नोत्तर भी किए गए. उन्होंने बताया कि इस परीक्षा को क्रैक करने के लिए उन्होंने काई लॉ की कोचिंग नहीं की.

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(जामिया मिलिया इस्लामिया में अपनी पत्नी आस्मा के साथ पहुंचे जसीम खान, बीच में प्रो नजमा अख्तर)

उन्होंने छात्रो को दिए ये टिप्स

करंट अफेयर्स पर नजर रखें, इसके लिए द हिंदू और मासिक पत्रिका पढ़ते रहे, इसके अलावा ऑल इंडिया रेडियो सुनें.

तैयारी के दौरान होने वाले तनाव को दूर करने के लिए छात्र को स्वयं को प्रेरित करते रहना चाहिए.

अगर आप अपने दम पर समझ सकते हैं तो कोचिंग इतनी जरूरी नहीं है, हां कोचिंग से कई बार आपको उचित मार्गदर्शन मिल जाता है.

व्यक्तिगत रणनीति को अपनी स्ट्रेंथ और कमजोरियों के आधार पर तैयार करना चाहिए. इसे आप पिछले वर्ष के पेपर और पाठ्यक्रम के विश्लेषण के आधार पर बनाया जाना चाहिए.

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