डीयू में टीचर्स और स्टाफ के बच्चों को ए‍डमिशन में कोटा बढ़ाने की मांग

दिल्ली विश्वविद्यालय DU के शैक्षिक व गैर शैक्षिक कर्मचारियों के बच्चों को स्नातक स्तर पर एडमिशन के लिए वार्ड कोटा बढ़ाने की मांग उठी है. इस बारे में डीयू के वाइस चांसलर व रजिस्ट्रार को लिखा गया है.

DU Admission 2019: प्रतीकात्मक फोटो
मानसी मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST

दिल्ली विश्वविद्यालय DU के शैक्षिक व गैर शैक्षिक कर्मचारियों के बच्चों को स्नातक स्तर पर एडमिशन के लिए वार्ड कोटा बढ़ाने की मांग उठी है. इस बारे में डीयू के वाइस चांसलर व रजिस्ट्रार को लिखा गया है.

डीयू में लगभग 5000 स्थायी शिक्षक व 3000 गैर शैक्षिक कर्मचारी कार्यरत हैं. पिछले 25 साल से इनके वार्ड कोटे के अंतर्गत कोटा नहीं बढ़ाया गया है. दिल्ली विश्वविद्यालय DU  की एकेडेमिक काउंसिल के पूर्व सदस्य प्रो. हंसराज सुमन ने इस कोटे को बढ़ाने की मांग उठाई है. उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय या इससे संबद्ध कॉलेजों में अपनी सेवाएं देने के बावजूद भी यदि टीचर्स या कर्मचारियों के बच्चों को उनके मनचाहे कॉलेज या विषय में एडमिशन नहीं मिलता है तो सेवा देना व्यर्थ है. उन्होंने मांग की है कि कॉलेजों में वार्ड कोटा बढ़ाया जाए ताकि सभी आवेदन करने वाले शैक्षिक व गैर शैक्षिक कर्मचारियों के बच्चों को उनके मनचाहे कॉलेज या विषय में एडमिशन मिल सके.

जानें क्या है सुविधा, क्या है शिकायत

DU से सम्बद्ध कॉलेजों में कार्यरत्त शिक्षकों और कर्मचारियों के छात्रों को स्नातक स्तर पर एडमिशन के समय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने वार्ड कोटे के अंतर्गत एडमिशन देने की सुविधा प्रदान की है. इस सुविधा का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद कॉलेजों में आवेदन करना होगा. वार्ड कोटे के अंतर्गत जिस विषय में प्रवेश चाहिए उसके लिए पहले ऑन लाइन आवेदन करना अनिवार्य है. टीचर्स और स्टूडेंट्स को शिकायत है कि पिछले ढ़ाई दशकों से वार्ड कोटा नहीं बढ़ाने से वार्ड कोटे में एडमिशन लेने वाले छात्र रह जाते हैं. ऐसी स्थिति में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दी गई सुविधाओं का उन्हें लाभ नहीं मिलता है.

वार्ड कोटे के एडमिशन सेंट्रलाइज करने की मांग

प्रो. हंसराज सुमन का कहना है कि डीयू ने अपने स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों के बच्चों को डीयू में स्नातक स्तर पर विज्ञान, वाणिज्य व मानविकी विषयों में एडमिशन लेने पर वार्ड कोटे की व्यवस्था दी है. इस कोटे का लाभ लेने के लिए सबसे पहले छात्र को जिस विषय में प्रवेश चाहिए उसमें केंद्रीयकृत (सेंट्रलाइज) आवेदन करना होता है. लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा जारी अंतिम कट ऑफ(पांचवी कट ऑफ लिस्ट) के अंत में वार्ड कोटे के अंतर्गत आवेदन करने वाले छात्रों को प्रवेश दिया जाता है. सेंट्रलाइज आवेदन करने के बाद प्रत्येक शिक्षकों/कर्मचारियों को अलग से कॉलेजों में जाकर वार्ड कोटे में आवेदन करना पड़ता है.

ऐसे मिलता है वार्ड कोटे से एडमिशन

प्रो सुमन ने कहा कि वार्ड कोटे में आवेदन करने के लिए स्टूडेंट्स को तीन दिन का समय दिया जाता है. डीयू में लगभग 80 कॉलेज है और हर कॉलेज में एप्लिकेशन देना अनिवार्य है. कॉलेज के पास आवेदनकर्ताओं की एप्लिकेशन आने के बाद उनकी मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है. मेरिट लिस्ट में जिन छात्रों के अधिक अंक है उनकी मेरिट लिस्ट नोटिस बोर्ड पर लगा दी जाती है. इस लिस्ट से तीन शैक्षिक और तीन गैर शैक्षिक कर्मचारियों के बच्चों को एडमिशन दिया जाता है. साथ ही कॉलेज की पहली प्राथमिकता अपने शिक्षक व कर्मचारियों के बच्चों के एडमिशन देने की होती है.

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