इस वॉचमैन के पास थीं BEd-MEd जैसी डिग्र‍ियां, नाइट ड्यूटी में की तैयारी, अब सरकारी नौकरी के दो बड़े ऑफर

वॉचमैन की नौकरी से सरकारी नौकरी तक का सफर तय करने वाले प्रवीण की कहानी काफी प्रेरणादायक है. उनके पास ग्रेजुएशन और मास्टर्स की डिग्रियां था इसके बावजूद उन्होंने वॉचमैन की नौकरी चुनी ताकि वह रातभर जागकर सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर पाएं.

Advertisement
Watchman to Government Servant Watchman to Government Servant

अब्दुल बशीर

  • हैदराबाद,
  • 01 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST

Watchman becomes governmet servant: कुछ कर गुजरने की लगन हो तो आप अपना मुकाम हासिल करने के लिए जी-जान लगा देते हैं, इस वाक्य को नाइट ड्यूटी करने वाले वॉचमैन रहे प्रवीण ने सच कर दिखाया है. हैदराबाद की उस्मानिया विश्वविद्यालय में रातभर वॉचमैन की ड्यूटी करने वाले गोले प्रवीण कुमार अब एक सरकारी कर्मचारी बन चुके हैं. कमाल की बात यह है कि एक नहीं बल्कि वे दो सरकारी नौकरी की परीक्षा में उर्तीण हुए हैं, अब यह उनके ऊपर निर्भर करता है कि वे किसे चुनेंगे.

Advertisement

अब हर महीने प्रवीण को मिलेगा इतना सरकारी वेतन

कॉलेज के बाहर रातभर गार्ड की ड्यूटी करने के साथ-साथ प्रवीण पढ़ाई भी किया करते थे. उन्होंने अपनी मजबूरी को एक अवसर में बदलकर आज सभी को प्रेरित किया है. 31 साल की उम्र में प्रवीण को अपने समर्पण और कड़ी मेहनत का फल मिला है. उन्हें ग्रेजुएशन में शिक्षक पद के लिए नियुक्ति किया गया है और जूनियर लेक्चरर (JL) की फाइनल लिस्ट में भी उनका नाम दर्ज है. प्रवीण हायर सेकेंड्री के स्टूडेंट्स पढ़ाया करेंगे. वॉचमैन की नौकरी में प्रवीण की इतनी कमाई नहीं हुआ करती थी, लेकिन अब सरकारी नौकरी हासिल करने के बाद उनको ₹73,000 से ₹83,000 तक प्रति माह सैलरी मिला करेगी. 

प्रवीण के माता-पिता करते हैं ये काम

प्रवीण के पिता एक मिस्त्री हैं और उनकी मां माचेरियल जिले के एक छोटे से गांव में बीड़ी श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं. चुनौतियों के बाद भी प्रवीण ने कड़ी मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया है. आज उनकी इस उपलब्धि पर माता-पिता दोनों बेहद खुश हैं. प्रवीण के माता-पिता ने अपने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं छोड़ी, हमेशा उसे पढ़ने के लिए प्रेरित किया है, प्रवीण की सफलता आज इसी बात का नतीजा है.

Advertisement

ग्रेजुएशन मास्टर्स की डिग्री होने के बाद भी चुनी वॉचमैन की नौकरी

बता दें कि प्रवीण के पास एम.कॉम, बी.एड और एम.एड जैसी डिग्रियां हैं, लेकिन उन्होंने शुरुआत में एक चौकीदार के रूप में काम करना शुरू किया था ताकि वे सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर पाएं. वे चाहते तो प्राईवट कंपनी में आराम से नौकरी कर सकते थे, लेकिन हिम्मत और खुदपर भरोसा करके उन्होंने डिग्रियां होने के बाद भी एक वॉचमैन की नौकरी चुनने का फैसला किया. इस दौरान वह अपने लक्ष्य से कभी भी नहीं भटके और आज एक सरकारी पद पर नियुक्त हुए हैं. प्रवीण की कहानी यह प्रेरणा भी देती है कि अगर खुदपर पूरा भरोसा हो और आप मेहनत करने के लिए तैयार हों तो लाइफ में रिस्क लेना गलत नहीं है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement