स्कूलों की प्रार्थना में शामिल होंगे गीता के श्लोक, छात्रों को दिए जाएंगे 51 हजार तक के इनाम

अहमदाबाद के स्कूलों में प्रार्थना के दौरान गीता के श्लोकों को पढ़ाने का फैसला लिया है. इसके लिए वीडियो कंटेंट तैयार किया गया है. छात्रों में गीता के श्लोकों को लेकर रुचि बनी रहे इसलिए गीता प्रेमवर्धन स्पर्धा का आयोजन भी किया जाएगा. छात्रों को साल के दरमियान 51,000 तक के इनाम वितरीत किए जाएंगे.

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Morning Prayer in School Morning Prayer in School

अतुल तिवारी

  • अहमदाबाद,
  • 19 जून 2024,
  • अपडेटेड 7:00 AM IST

गुजरात के स्कूलों में अब छात्रों को प्रार्थना के दौरान गीता का सार पढ़ाया जाएगा. शिक्षा विभाग की तरफ से कुरिकुलम में गीता के पाठ शामिल किए गए थे और अब अहमदाबाद रूरल जिला शिक्षा अधिकारी की तरफ से अहमदाबाद रूरल क्षेत्र में आने वाले तमाम स्कूलों में होने वाली प्रार्थना में गीता के 51 श्लोकों के उच्चारण करवाने का फैसला लिया है.

छात्र गीता के माध्यम से अपने व्यक्तित्व के विकास को निखार सकें, छात्रों का मनोबल मजबूत हो, इस उद्देश्य से श्रीमद्भगवद्गीता को स्कूल की मॉर्निंग प्रेयर में शामिल किया जा रहा है. स्कूली छात्र गीता को अच्छे से समझ सकें, इसके लिए वीडियो शूट किए गए हैं. इन वीडियो में गीता के श्लोकों का कंटेंट तैयार किया है. प्रार्थना के दौरान वीडियो चलाकर श्लोकों के बारे में बताया जाएगा. सिर्फ वीडियो ही नहीं, इसके लिए अन्य कई एक्टिविटी भी तैयार की गई हैं.

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प्रार्थना के दौरान वीडियो को जरिये पढ़ाए जाएंगे श्लोक

वीडियो के स्वरूप में दिए जाने वाले श्लोकों के क्रमानुसार एक श्लोक, एक सप्ताह तक छात्रों के सामने रखा जाएगा. गुजरात सरकार में राज्यस्तर के शिक्षामंत्री प्रफूल पानशेरिया ने अहमदाबाद रूरल जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस के इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया है. छात्रों में गीता के श्लोकों को लेकर रुचि बनी रहे इसलिए गीता प्रेमवर्धन स्पर्धा का आयोजन भी किया जाएगा. छात्रों को साल के दरमियान 51,000 तक के इनाम वितरीत किए जाएंगे. प्रेरक स्कूल और शिक्षकों को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे.

साल 2023 में सरकारी स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल की गई थी गीता

बता दें कि साल 2023 में भी गुजरात सरकार ने सरकारी स्कूल में भगवद् गीता का सार पढ़ाने का फैसला किया था. स्कूली बच्चों को भगवद् गीता का सार पढ़ाने के लिए गुजरात के शिक्षा मंत्री कुबेर डिंडोर ने इसका पाठ्यक्रम जारी किया गया था. उन्होंने दावा किया था कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत इसे अमल किया जा रहा है. शिक्षा मंत्री कुबेर डिंडोर का कहना था कि इससे बच्चे अपने स्कूल जीवन से ही भगवद् गीता का पाठ पढ़ेंगे जिससे जीवन जीने का नया तरीके सीखेंगे. भगवद् गीता सिर्फ एक धर्म का नहीं पर सभी धर्मों का सार है. यह जीवन जीने की एक कला है और 700 श्लोकों का सार बच्चे पढ़ेंगे. निराशा मे आशा का संचार करने वाली सोच बच्चों को लाभ देंगी.

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