चीन में मिली 3 लाख साल पुरानी खोपड़ी... खोल सकती है मनुष्यों की नई प्रजाति का राज

68 साल पहले मिली 3 लाख साल पुरानी एक खोपड़ी के अध्ययन में नई बात सामने आई है. वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ये मनुष्यों की किसी अलग प्रजाति की खोपड़ी है, जो अबतक के ज्ञात प्रजातियों से अलग है. यानी इससे किसी नई प्रजाति की खोज की शुरुआत हो सकती है.

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चीन में मिली 3 लाख साल पुरानी माबा 1 की खोपड़ी (फोटो - AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर) चीन में मिली 3 लाख साल पुरानी माबा 1 की खोपड़ी (फोटो - AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2025,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST

चीन में 1958 में एक मनुषयों से मिलती जुलती 300,000 वर्ष पुरानी खोपड़ी मिली थी, जो किसी भी मानव प्रजाति से अलग है, जिसे हमने पहले कभी नहीं देखा. यह खोपड़ी दक्षिणी चीन में पाई गई थी और शुरू में यह माना गया था कि इसका संबंध निएंडरथल से है - लेकिन अब शोधकर्ताओं की एक टीम इस पर पुनर्विचार कर रही है.

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मानव इतिहास के गैप को भरना कोई आसान काम नहीं है. अब हड्डियों के टुकड़ों के एक विशेष संग्रह ने पुरातत्वविदों को हैरान कर दिया है. इस कहानी की शुरुआत 1958 में दक्षिणी चीन में तब हुई, जब गुआंगडोंग प्रांत में किसान खाद के लिए चमगादड़ के गुआनो की खुदाई कर रहे थे.

68 साल पहले मिले थे अवशेष
डेली स्टार यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, शाओगुआन शहर के माबा गांव के पास एक कटावग्रस्त चूना पत्थर की गुफा की एक संकरी खाई के अंदर उन्हें एक चौंकाने वाली चीज मिली. यहां कुछ  हड्डियां थी, जो काफी हद तक मनुष्यों की हड्डी से मिलती-जुलती थी. बाद में उसका खोपड़ी का हिस्सा होने की पुष्टि हुई, साथ ही चेहरे की भी कई हड्डियां मिलीं. समस्या यह थी कि, सारे हिस्से अधूरे थे, इसलिए खोपड़ी को हमारे प्राचीन पूर्वजों के ढांचे के भीतर रखना मुश्किल था.

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3 लाख साल पुरानी है खोपड़ी
इस अवेशष को नाम दिया गया माबा 1 - जैसा कि इसे जाना जाता है. इसकी पहचान करना लगभग असंभव था, लेकिन इसे मध्य प्लेइस्टोसिन के अंत वाले कालखंड में रखा गया. क्योंकि यह लगभग 300,000 वर्ष पुराना था. हालांकि, उस समय के कुछ शुरुआती अध्ययनों ने यह भी सुझाव दिया कि यह निएंडरथल का रिश्तेदार हो सकता है. इसलिए इसे "चीनी निएंडरथल" उपनाम मिल गया.

अबतक माना जाता था निएंडरथल का करीबी
अब, वैज्ञानिकों की एक टीम, जिसने पहले खोपड़ी का अध्ययन किया था. उनलोगों ने इसे पुनः देखा है और इस बार वे एक वैकल्पिक निष्कर्ष पर पहुंचे है. उन्होंने हाल ही में अमेरिकन जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल एंथ्रोपोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में लिखा है - माबा 1, निएंडरथल जैसे चेहरे के लिए जाना जाता है, जबकि इसका न्यूरोक्रेनियम  होमिनिन टैक्सा (मनुष्यों की प्रजाति) के साथ समानता दिखाता है, जो माबा 1 की टैक्सोनोमिक स्थिति को और विवादास्पद बनाता है.

माइक्रो-सीटी स्कैन का उपयोग करके खोपड़ी का पुनर्निर्माण करने के बाद वे वास्तविक नमूने को नुकसान पहुंचाए बिना इसके अंदर का निरीक्षण करने में सक्षम थे.पॉपुलर मैकेनिक्स की रिपोर्ट के अनुसार इसके रिजल्ट ने इस बात की वास्तविक संभावना को जन्म दिया कि खोपड़ी संभवतः निएंडरथल की नहीं थी.

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अध्ययन में निएंडरथल मानव से पाए गए अलग
रिपोर्ट में कहा गया कि माबा 1 को चेहरे के क्षेत्र में दिखाई देने वाली समानता के कारण 'चीनी निएंडरथल' माना जाता था. हालांकि, इस अध्ययन में माबा 1 की आंतरिक संरचनाओं में होमो निएंडरथलेंसिस से संबंधित विशिष्ट विशेषताएं नहीं पाई गईं. शोधकर्ताओं ने कहा कि खोपड़ी की सामान्य आकृति  बाद में विकसित प्रजातियों, होमो निएंडरथेलेंसिस और होमो सेपियंस की तुलना में होमो इरेक्टस के अधिक करीब है.

अलग-अलग समय में पाए जाने वाले मानव प्रजातियों के मिले गुण
वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि माबा 1 की आंतरिक संरचना विभिन्न प्रजातियों में पाई जाने वाली रूपात्मक विशेषताओं का संयोजन दर्शाती है. ये निष्कर्ष मध्य प्लीस्टोसीन के अंत में एशियाई होमिनिन के बीच उच्च रूपात्मक परिवर्तनशीलता का सबूत देते हैं. माबा 1 को वर्तमान में किसी भी ज्ञात होमिनिन टैक्सोन में निश्चित रूप से वर्गीकृत नहीं किया जा सकता है.

किसी नई प्रजाति की हो सकती है ये खोपड़ी 
वैज्ञानिकों का इस नए अध्ययन के अनुसार कहना है कि माबा 1 अब तक पाए गए मनुष्यों की अलग-अलग प्रजातियों से भिन्न है और यह कोई अलग ही प्रजाति हो सकता है. यह प्रजाति कौन सी है, इस बारे में अभी पता किया जाना बाकी है. 

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