निर्भया गैंगरेप मामले के सभी दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिए जाने के लिए उसके माता-पिता ने पटियाला हाउस कोर्ट से गुहार लगाई है. उनके वकील ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि अब दोषियों की दया याचिका भी सभी अदालतों ने खारिज कर दी है. कोर्ट अब इस मामले पर 2 मार्च को सुनवाई करेगी.
निर्भया के परिजनों के वकील ने पटियाला हाउस कोर्ट में जल्द कार्रवाई की अपील करते हुए बताया कि दोषियों की दया याचिका की अवधि भी समाप्त हो चुकी है. उन्होंने अदालत से दोषियों का डेथ वारंट जल्द जारी करवाने की मांग भी की है. पिछले साल 16 दिसंबर को निर्भया कांड की बरसी पर उसके परिजनों ने कहा था कि निर्भया के दोषी आज भी जिंदा हैं. जो कानून की नाकामी है.
बताते चलें कि साल 2012 में 16 दिसंबर की रात 23 वर्षीय निर्भया के साथ चलती बस में गैंगरेप की वारदात को बड़ी बेरहमी से अंजाम दिया गया था. उसके शरीर को नाजुक अंगों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था. उसके साथ इतना अत्याचार हुआ था कि उसकी आंते तक बाहर आ गई थीं.
वारदात को अंजाम देने वाले दरिंदों ने निर्भया और उसके दोस्त को घटना के बाद चलती बस से बाहर फेंक दिया था. इस मामले ने जब तूल पकड़ा तो पीड़िता को इलाज के लिए विदेश भेजा गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. इस घटना के विरोध में देश के लोग सड़कों पर उतर आए थे. देश के सभी राज्यों में धरना प्रदर्शन किए गए थे.
इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले सभी 6 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे. उनके खिलाफ गैंगरेप और हत्या का केस चला. जिसमें सभी को दोषी पाया गया. इनमें से एक दोषी ने जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी. आरोपियों में से एक वारदात के वक्त नाबालिग था, उसे इसका फायदा मिला और उसे तीन साल के लिए सुधार गृह भेज दिया गया. बाकि बचे चारों दरिंदों को सजा-ए-मौत सुनाई गई. लेकिन अभी तक उन्हें फांसी नहीं दी गई है. इसलिए निर्भया के परिजनों ने अदालत से दोषियों को जल्द सजा देने की गुहार लगाई है.
परवेज़ सागर / पूनम शर्मा