दिल्लीः खुद को IPS अधिकारी बता पुलिस पर रौब झाड़ना पड़ा महंगा, अरेस्ट

इंस्पेक्टर मुकेश कुमार से उसने संतोष कुमार नाम के शख्स को फोन कर थाने बुलाने का दबाव बनाया. उसके हावभाव देखकर इंस्पेक्टर को संदेह हुआ तो उसने जांच की. जांच में विमल की पोल खुलते देर न लगी.

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खुद को IPS अधिकारी बताने वाला विमल भट्ट खुद को IPS अधिकारी बताने वाला विमल भट्ट

राम किंकर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 26 जून 2017,
  • अपडेटेड 4:57 PM IST

दिल्ली पुलिस ने एक फर्जी आईपीएस ऑफिसर को गिरफ्तार किया है. आरोपी द्वारका थाने पहुंचा और खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए मनी लॉंड्रिंग केस में एक शख्स को थाने बुलाने के लिए दबाव बनाने लगा. पुलिस को शक हुआ और फर्जी आईपीएस की पोल खुल गई.

खुद को 2010 बैच का आईपीएस बताने वाले आरोपी का नाम विमल भट्ट (31) है. पुलिस के मुताबिक, रविवार दोपहर विमल अपनी कार से द्वारका थाने पहुंचा था. उसने वहां तैनात पुलिसकर्मियों से कहा कि वह एक मनी लॉंड्रिंग केस की छानबीन के लिए आया है. उसने बताया कि वह सीजीओ कांप्लेक्स में तैनात है.

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थाने में मौजूद इंस्पेक्टर मुकेश कुमार से उसने संतोष कुमार नाम के शख्स को फोन कर थाने बुलाने का दबाव बनाया. उसके हावभाव देखकर इंस्पेक्टर को संदेह हुआ तो उसने जांच की. जांच में विमल की पोल खुलते देर न लगी. मुकेश कुमार ने पाया कि विमल का एसीपी रैंक के अधिकारी वाला आई-कार्ड नकली है.

जांच में पाया गया कि आरोपी पहले भी फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने के मामले में शामिल रहा है. पुलिस ने उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. पुलिस को आरोपी की कार में वॉकी-टॉकी मिला. आरोपी ने कार पर पुलिस लिखवा रखा था और वह पुलिस के सायरन का भी इस्तेमाल करता था.

गौरतलब है, जिस थाने में आरोपी खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ रहा था, इन दिनों यहां की एसएचओ के पद का दायित्व खुद एक महिला आईपीएस अधिकारी (प्रशिक्षु) संभाल रही हैं.

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