बुलंदशहर हिंसा: आरोपी प्रशांत नट के घर मिला शहीद इंस्पेक्टर सुबोध का मोबाइल

बुलंदशहर हिंसा मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के मोबाइल को बरामद कर लिया है. पुलिस ने मोबाइल की बरामदगी हिंसा के मुख्य आरोपी प्रशांत नट के घर से की है.

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शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह(फाइल फोटो) शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह(फाइल फोटो)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 27 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 12:08 PM IST

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के मोबाइल को बरामद कर लिया है. पुलिस ने मोबाइल की बरामदगी हिंसा के मुख्य आरोपी प्रशांत नट के घर से की है.

पुलिस को इसके अलावा 6 और मोबाइल मिले हैं. बुलंदशहर के एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि इंस्पेक्टर शहीद कुमार सिंह का मोबाइल प्रशांत नट के घर से बरामद हो गया है. प्रशांत बुलंदशहर हिंसा में आरोपी है. उसको 27 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने कहा कि सूत्रों से शहीद इंस्पेक्टर के मोबाइल की लोकेशन की जानकारी मिली. हमने उसे बरामद कर लिया है. जांच जारी है. पिस्टल को लेकर तलाशी अब भी जारी है.

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बता दें कि बुलंदशहर हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को गोली लगने के बाद से उनका मोबाइल और सरकारी रिवाल्वर दोनों गायब थे. गौरतलब है कि प्रशांत नट को 27 दिसंबर को शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

पिछले साल (2018) 3 दिसंबर को बुलंदशहर जिले के महवा गांव के पास एक खेत में गाय का शव मिलने के बाद हिंसा भड़क गई थी. इसमें स्याना थाने के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी. साथ ही हिंसा के दौरान एक युवक सुमित की भी जान चली गई थी.

भीड़ ने इस दौरान जमकर तांडव मचाया था. इस दौरान चिंगरावठी पुलिस चौकी में तोड़फोड़ करते हुए दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. हिंसा के आरोप में 27 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. इस मामले में अब तक 32 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

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सरकार ने किया था एसआईटी का गठन

राज्य की योगी सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. हालांकि अभी तक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत का असली जिम्मेदार कौन है, ये साफ नहीं हो पाया है. क्योंकि प्रशांत को पुलिस ने गोली चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था. पुलिस ने दावा किया है कि प्रशांत ने गोली चलाने का जुर्म मान लिया है, लेकिन मीडिया के सामने प्रशांत ने इससे इनकार किया.

प्रशांत से पहले जीतू फौजी पर गोली चलाने का आरोप लगा था. हिंसा के दौरान सेना का जवान जीतू छुट्टी पर आया था और उस पर गोली चलाने का आरोप लगा था. गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेजा गया. कई गवाहों से पूछताछ और वीडियो देखने के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि गोली चलाने वाला शख्स प्रशांत ही था.

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