Pune serial blast accused killed: महाराष्ट्र के अहमदनगर (अहिल्यानगर) जिले के श्रीरामपुर कस्बे में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज हत्या की वारदात से हड़कंप मच गया. साल 2012 के पुणे जंगली महाराज रोड सीरियल ब्लास्ट केस के आरोपी रहे असलम शब्बीर उर्फ बंटी जहांगीरदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह वारदात दोपहर करीब 2 बजे हुई, जब वह अपने एक साथी के साथ दोपहिया वाहन से लौट रहा था. घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई.
बाइक सवार हमलावरों ने की फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, असलम जहागीरदार श्रीरामपुर के बोर्वाके कॉलेज रोड से गुजर रहा था. इसी दौरान बाइक पर सवार दो हमलावरों ने उसका रास्ता रोका और ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. फायरिंग इतनी करीब से की गई कि जहागीरदार को गंभीर चोटें आईं. आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले आरोपी मौके से फरार हो गए. वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई बताई जा रही है.
डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
गोली लगने के बाद असलम जहागीरदार को तत्काल पास के एक अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. उसकी उम्र करीब 55 साल बताई जा रही है. दिनदहाड़े हुई इस हत्या से आम लोगों में डर का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गई.
आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. इन्हीं फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों की पहचान की गई. देर रात नकाबंदी के दौरान रवि निकलजे और कृष्णा शिंगारे नाम के दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया. प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर हत्या में शामिल होने की बात कबूल की है, जिसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया.
आला पुलिस अधिकारी मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए नासिक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दत्तात्रेय कराले खुद श्रीरामपुर पहुंचे. उन्होंने जांच की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. कराले ने बताया कि हत्या के पीछे का सटीक मकसद फिलहाल साफ नहीं है. मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके.
आपराधिक पृष्ठभूमि और पुराने केस
पुलिस के अनुसार, असलम जहांगीरदार का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे. वह 2012 में पुणे के जंगली महाराज रोड पर हुए लो-इंटेंसिटी सीरियल ब्लास्ट केस में भी आरोपी रह चुका है. उस धमाके में कई लोग घायल हुए थे और देशभर में बड़ा आतंकी जांच अभियान चला था. बाद में उसे जमानत मिल गई थी और वह श्रीरामपुर में रह रहा था.
साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्या की योजना में और लोग शामिल थे. अधिकारियों को शक है कि किसी पुरानी रंजिश या हालिया गतिविधियों के चलते यह वारदात की गई हो सकती है. गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके संपर्कों की भी जांच हो रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले की परतें खुलेंगी.
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
हत्या के बाद किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए श्रीरामपुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस गश्त तेज कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
ओमकार