व्हाट्स ऐप पर Kidsxxx ग्रुप, 4 एडमिन, 199 थे मेंबर, CBI ने किया पर्दाफाश

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक इंटरनेशनल चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है. ये रैकेट व्हाट्सएप के माध्यम से संचालित किया जा रहा था. सीबीआई ने इस मामले में यूपी के कन्नौज जिले से 20 वर्षीय निखिल वर्मा नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.

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CBI पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है CBI पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है

परवेज़ सागर / मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 9:17 PM IST

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक इंटरनेशनल चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है. ये रैकेट व्हाट्सएप के माध्यम से संचालित किया जा रहा था. सीबीआई ने इस मामले में यूपी के कन्नौज जिले से 20 वर्षीय निखिल वर्मा नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.

सीबीआई के अनुसार, यह व्हाट्सएप ग्रुप दिल्ली, नोएडा और उत्तर प्रदेश से संचालित किया जा रहा था. सीबीआई इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट के व्हाट्सएप ग्रुप पर अपलोड किए गए वीडियो को आरोपी युवक या इस ग्रुप के सदस्यों ने खुद फिल्माया है या ये सारे वीडियो कहीं और से लिए गए हैं.

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निखिल और चार अन्य संदिग्ध इस व्हाट्सएप ग्रुप kidsxxx के एडमिन थे. वे सभी इस ग्रुप में बच्चों के अश्लील क्लिप और वीडियो अपलोड करते थे. इस ग्रुप में कुल मिलाकर 199 सदस्य थे. जिसमें भारत के अलावा ब्राजील, केन्या, नाइजीरिया, अमेरिका, चीन, श्रीलंका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नागरिक भी शामिल थे.

सीबीआई ने उपरोक्त देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से भी इस केस के बारे में संपर्क किया है. सीबीआई ने पकड़े गए आरोपी एडमिन का लैपटॉप, मोबाइल फोन और हार्ड डिस्क भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल ये लोग अश्लील सामग्री अपलोड करने के लिए करते थे.

इस मामले में सीबीआई इस ग्रुप से जुड़े चार अन्य एडमिन सत्येंद्र चौहान, आदर्श, नफीस रेज़ा और जाहिद से पूछताछ कर रही है. सीबीआई के मुताबिक आरोपी निखिल वर्मा को खुफिया एजेंसी की निगरानी और आईपी पता मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया है.

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सीबीआई ने इस व्हाट्सएप ग्रुप के उन सदस्यों के खिलाफ आईटी अधिनियम की धारा 67-बी के तहत मामला दर्ज किया है, बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री ग्रुप में डालते थे. ऐसा ही मुकदमा इस ग्रुप के सभी एडिमन के खिलाफ भी दर्ज किया गया है. सीबीआई ने पीड़ितों की पहचान की पुष्टि नहीं की है.

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