विवादों के बीच एक सवाल किसी के भी मन में उठ सकता है. सवाल ये कि भारत बायोटेक की स्वदेशी वैक्सीन पर भरोसा कैसे करें? इसका जवाब स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कान्फ्रेंस में मिला. वहीं भारत बायोटेक ने भी 123 देशों के लिए वैक्सीन बनाने के अपने ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला दिया है. देश में कोरोना को मात देने के लिए वैक्सीनेशन की तैयारी पूरी है. दो-दो वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है. मगर भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल का लाइसेंस दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं. सवाल ये उठ रहा है कि भारत बायोटेक को लाइसेंस कैसे मिल गया जबकि उसने अभी सिर्फ दूसरे फेज का ट्रायल पूरा किया है, उसके तीसरे फेज का ट्रायल अभी बाकी है. इसका जवाब आईसीएमआर के प्रमुख बलराम भार्गव ने दिया. देखें वीडियो.
Amid questions raised by experts and Opposition over the restricted use approval given to Covaxin despite no efficacy data from Phase III trials, Health Ministry in its press conference addressed safety issues regarding Covaxin. Here's what it said.