बुजुर्गों को सरकार की दुत्कार? 11 साल से महज 200 रुपये महीने पेंशन

एक बुजुर्ग को केंद्र सरकार 200 रुपये प्रति महीने पेंशन देती है. 11 साल से इस राशि में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है.

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बुजुर्गों के लिए सरकारी योजनाओं का सच (फाइल फोटो) बुजुर्गों के लिए सरकारी योजनाओं का सच (फाइल फोटो)

अमित कुमार दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 7:55 AM IST

हर व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन भारत के बुजुर्ग राम भरोसे हैं. इनकी संख्या भी बढ़ती जा रही है पर ऐसे बुजुर्ग मुफलिसी में जीवन गुजारने को मजबूर हैं जो सरकारी नौकरी में नहीं थे या जिन्हें पेंशन नहीं मिलती. एक बुजुर्ग को केंद्र सरकार 200 रुपये प्रति महीने पेंशन देती है. 11 साल से इस राशि में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. लेकिन 5 राज्य सरकारों ने अपनी तरफ से धनराशि जोड़कर इसे 2000 तक कर दिया है.

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बड़ा सवाल ये है कि क्या बुजुर्गों को सरकारी स्कीम की मदद मिल रही है, और अगर मिल रही है तो उनकी सभी जरूरतें इस मदद से पूरी हो रही हैं? क्योंकि आंकड़े सोचने पर मजबूर करते हैं. साल 2011 के जनगणना के अनुसार देश में 10.38 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं. पिछले 50 वर्षों में भारत की जनसंख्‍या लगभग 3 गुनी हो गई है, लेकिन बुजुर्गों की संख्‍या 4 गुना से भी ज्‍यादा हो गई है.

20 साल में बुजुर्गों की संख्या दुगुनी

दरअसल पिछले एक दशक में भारत में वयोवृद्ध लोगों की आबादी 39.3% की दर से बढ़ी है. आगे आने वाले दशकों में इसके 45-50 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्‍मीद है. यही नहीं, दुनिया के अधिकतर देशों में बुजुर्गों की संख्‍या दोगुनी होने में 100 से ज्‍यादा वर्ष लग गए, लेकिन भारत में इनकी आबादी केवल 20 वर्षों में ही दोगुनी हो गई.

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आंकड़ों के मुताबिक भारत करीब 94% श्रमिक गैर-संगठित क्षेत्र में काम करते हैं, इनमें अधिकतर को पर्याप्‍त सामाजिक सुरक्षा उपलब्‍ध नहीं है. विभिन्‍न मंत्रालयों और अन्‍य सरकारी एजेंसियों के कई सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम हैं. लेकिन सामाजिक सुरक्षा के राज्‍य-स्‍तरीय कार्यक्रमों से न जुड़े होने के कारण गैर-संगठित क्षेत्र के श्रमिकों और उनके आश्रितों को बीमारी, अधिक उम्र, दुर्घटनाओं या मृत्‍यु के कारण बेहद गरीबी का सामना करना पड़ता है.

वाह रे सरकार....

अब आपको हकीकत से वाकिफ कराते हैं, वैसे तो केंद्र सरकार 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को आर्थिक मदद के तौर (वृद्धा पेंशन) देती है, इस योजना का पूरा नाम (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन) है. लेकिन कितनी रकम मिलती है जब ये आप जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे? केंद्र सरकार आज भी मात्र 200 रुपये महीने के हिसाब से बुजुर्गों को पेंशन का भुगतान करती है.

दरअसल, साल 2007 में 60-79 वर्ष के आयु वर्ग के लिए इस योजना के अंतर्गत मासिक पेंशन की राशि मात्र 200 रुपये रखी गई थी. उसी समय यह राशि बहुत कम मानी गई थी, जबकि 80 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग के लिए पेंशन 500 रुपये रखी गई थी. लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि उसके बाद 11 साल बीत गए और केंद्र सरकार ने इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की. महंगाई के हिसाब से देखें तो साल 2007 में तय किए गए 200 रुपये की कीमत आज मात्र 92 रुपये ही रह गई है.

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इन राज्यों की सराहनीय कोशिश

केंद्र के द्वारा वृद्धा पेंशन के तौर पर मिलने वाली ये राशि राज्यों सरकारों के द्वारा वितरित की जाती है. और इस पेंशन राशि में अधिकांश राज्य सरकारें अपनी ओर से धनराशि जोड़ती हैं, जहां वे अधिक धनराशि जोड़ती हैं, वहां वृद्ध नागरिकों को अपेक्षाकृत अधिक पेंशन मिल जाती है. गोवा, दिल्ली, केरल और हरियाणा में राज्य सरकारों की मदद से 2000 रुपये के आसपास पेंशन मिल जाती है.

सुप्रीम कोर्ट ने ली क्लास

दूसरी ओर कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां सरकारें अपनी ओर से बहुत कम धनराशि जोड़ती हैं और वहां के वरिष्ठ नागरिकों को अभी तक 500 रुपये से भी कम की पेंशन मिलती है. ऐसे राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और मणिपुर हैं. वो तो भला हो सुप्रीम कोर्ट का, जिसने पिछले दिनों केंद्र सरकार से इस मामले पर गंभीरता से विचार का आदेश दिया. मौजूदा वक्त में इस राशि को 3000 रुपये तक करने की मांग की गई है. इसके अलावा कुछ और योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों के लिए हैं, जो इस प्रकार हैं.

वय वंदना योजना

बुजुर्गों पर विशेष ध्यान के लिए मोदी सरकार ने इस योजना की शुरुआत की. हाल में सरकार ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई PMVVY) के तहत निवेश सीमा को दोगुना कर 15 लाख रुपये करने को मंजूरी दी. इससे वरिष्ठ नागरिकों का सामाजिक सुरक्षा कवर बढ़ सकेगा. साथ ही इस योजना में निवेश सीमा दो साल बढ़ाकर 31 मार्च, 2020 कर दिया गया है. पीएमवीवीवाई (PMVVY) 60 साल और उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए है. इससे यह साफ है कि इस योजना में अगर कोई 15 लाख रुपये का निवेश करता है तब उसे योजना जारी रहने तक 10000 रुपये हर महीने पेंशन मिलती रहेगी.

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क्या है पीएमवीवीवाई (PMVVY)?

पीएमवीवीवाई 60 वर्ष और उससे ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक पेंशन योजना है. इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मासिक पेंशन विकल्प चुनने पर 10 वर्षों के लिए 8 फीसदी के गारंटी के साथ रिटर्न की व्यवस्था की गई है. अगर इसमें वार्षिक पेंशन विकल्प चुना जाता है तब 10 वर्षों के लिए 8.3% की गारंटीशुदा वापसी होगी. सरकार इस योजना को एलआईसी (LIC) के साथ मिलकर लाई है.

राष्ट्रीय वयोश्री योजना

साल 2017 में केंद्र सरकार के द्वारा गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय वयोश्री योजना की शुरुआत की गई. इस योजना के तहत सरकार वरिष्ठ नागरिकों को सुनने में सहायक मशीन और व्हीलचेयर सहित उम्र संबंधी सहायक उपकरण नि:शुल्क प्रदान करती है.

कैसे और किसे मिलेगा लाभ?

इस योजना का लाभ 60 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग उठा पाएंगे. साथ ही उसका नाम बीपीएल श्रेणी से होना जरूरी है. इस योजना में बुजुर्गों को आरामदायक जूते, बैसाखी, कृत्रिम दांत, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा, ट्रायपॉड, लोकोमोटर असमर्थता से निपटने वाले यंत्र समेत अन्य उपकरण मुफ्त में दिए जाने का प्रावधान है.

बचत योजनाओं पर अधिक ब्याज

वरिष्ठ नागरिकों को बचत योजनाओं में अधिक ब्याज मिलता है. वरिष्ठ नागरिकों को पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं में 8.6 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है.

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