किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में किसानों को खेती-किसानी से जुड़े उद्योगों को लगाने की भी सलाह दी जा रही है. इसके लिए किसानों को आर्थिक मदद भी दी जाती है.एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत उद्योग लगाने वाले किसानों को फंड भी दिया जाता है.
राइस ब्रान ऑयल की खोली मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के रहने वाले गुरविंदरजीत सिंह ने राइस ब्रान ऑयल की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट खोली है. इसके लिए उन्हें सरकार से अच्छा-खासा फंड भी मिला है. आज इस यूनिट की मदद से वह राइस ब्रान ऑयल का उत्पादन कर बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं. इसके अलावा वह कई अन्य को रोजगार भी मुहैया भी करा रहे हैं.
चावल की भूसी से बनाया जाता है तेल
चावल की भूसी से बनने वाले तेल को राइस ब्रान ऑयल कहा जाता है. इसे स्वास्थ्य के लिए एक फायदेमंद वनस्पति तेल माना जाता है. इसमें फैट की मात्रा काफी कम होती है. इसके चलते ये तेल कोलेस्ट्राल लेवल कम करने में भी फायदेमंद है. ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी इस तेल के सेवन की सलाह दी जाती है.
अच्छा है मुनाफा
बता दें रिफाइंड ऑयल के उपयोग के चलते ज्यादा दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं. लोगों को हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियां हो रही हैं. ऐसे में राइस ब्रैन ऑयल एक बढ़िया विकल्प के तौर पर सामने आ रहा है. गंभीर बीमारियों के खिलाफ इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है. एंटी एजिंग के तौर पर भी इस तेल का उपयोग किया जा सकता है. मार्केट में इस तेल की बिक्री अच्छी कीमतों पर होती है. ऐसे में किसान राइस ब्रान ऑयल का मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
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