PM फसल बीमा योजना के आवेदन की समय सीमा बढ़ी, UP में इस तारीख तक होंगे रजिस्ट्रेशन

केंद्र सरकार ने पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY) के रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है. यह तारीख 31 जुलाई थी. राज्य सरकारों ने केंद्र से इस डेडलाइन को बढ़ाने की मांग की थी. इसके बाद केंद्र सरकार फसलों बीमा के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख को बढ़ा दिया है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST

खेती के दौरान किसानों को हर साल मुश्किलों से दो-चार होना है. प्राकृतिक आपदाओं के चलते किसानों की फसलें कई बार पूरी तरह बर्बाद हो जाती है. ऐसी स्थिति में किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की गई थी. अब केंद्र सरकार ने पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY) के रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है. यह तारीख 31 जुलाई थी. सरकार ने अब राज्य सरकारों की मांग पर इस डेडलाइन को बढ़ा दिया है.

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पीएम फसल बीमा योजना के लिए आवेदन करने की डेडलाइन बढ़ी

अगर आप महाराष्ट्र के किसान हैं तो पीएम फसल बीमा योजना के तहत तीन अगस्त तक इंश्योरेंस का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसी तरह ओडिशा के लिए यह तारीख पांच अगस्त है तो असम के लिए भी पांच अगस्त निर्धारित है.  यूपी के लिए 10 अगस्त, राजस्थान के लिए 10 अगस्त, गोवा के लिए 15 अगस्त, मणिपुर के लिए 16 अगस्त, छत्तीसगढ़ के लिए 16 अगस्त और मध्य प्रदेश के लिए भी फसल बीमा योजना के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 16 अगस्त है. 

इतना देना होगा प्रीमियम

अगर आप पीएम फसल बीमा योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको एक निर्धारित प्रीमियम को देना होगा. यह प्रीमियम बेहद कम होता है जिसे हर कोई दे सकता है. खरीफ की फसल के लिए आपको बीमा राशि का दो फीसदी तक प्रीमियम देना पड़ता है. वहीं, रबी की फसल के लिए 1.5 फीसदी तक प्रीमियम देना होगा. इसके अलावा बात करें बागवानी फसलों की तो इसमें आपको फसल की बीमा राशि का अधिकतम 5 फीसदी तक प्रीमियम के रूप में देना होगा.

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यहां आवेदन करें किसान

किसान खरीफ फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पोर्टल( www.pmfby.gov.in)  के पोर्टल पर जाकर अपनी फसल का बीमा जरूर करा सकते हैं. इस योजना के तहत किसान की फसल को अगर व्यक्तिगत नुकसान भी हुआ है तो उसे इसका लाभ मिलेगा. पहले सिर्फ सामूहिक स्तर पर खराब फसल पर लाभ मिलता था. प्राकृतिक आपदाओं के चलते किसानों को फसल बर्बाद होने पर उस नुकसान की भरपाई बीमा कंपनियों द्वारा किया जाता है.

72 घंटे के अंदर फसल बर्बादी की दें सूचना

अगर प्राकृतिक आपदाओं के चलते कोई बीमित किसान फसल बर्बादी की स्थिति का सामना करता है, तो वह 72 घंटों के अंदर नीचे दिए गए विकल्पों के माध्यम से सूचना दे सकता है. किसान क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से किसान अपनी बर्बाद हुई फसल की जानकारी दे सकता है. साथ ही बीमा कंपनियों के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकता है. इसके अलावा नजदीकी कृषि कार्यालय पर इस बारे में जानकारी दी जा सकती है और संबंधित बैंक शाखा और जनसेवा केंद्र विजिट कर सकती है.

सत्यापन के बाद भेजी जाएगी मुआवजे की राशि

ऊपर दिए गए विकल्पों पर सूचना देने के बाद बीमा कंपनी किसी अधिकृत व्यक्ति को खेतों का मुआयना करने के लिए भेजेगी. वह व्यक्ति खेतों में खराब हो चुकी फसलों का आकलन कर बीमा कंपनी को रिपोर्ट सौंपेगा. इन सब प्रकियाओं के पूरा होने के बाद किसान को उनके मुआवजे मिलता है. अधिक जानकारी के लिए आप जन सेवा केंद्र, संबंधित कृषि विभाग के अधिकारी या किसान कॉल सेंटर पर फोन करके संपर्क कर सकते हैं.

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