Pineapple Farming: अनानास यानी पाइनएप्पल खाने से कई फायदे होते हैं. यह भूख बढ़ाने से लेकर पेट संबंधी कई दिक्कतों को खत्म करने में फायदेमंद है. बाजार में इसकी डिमांड साल भर बनी रहती है. इसकी खेती की सबसे अच्छी बात ये है कि इसे साल में कई बार किया जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, इसे गर्म मौसम की फसल माना जाता है. हालांकि, इसकी खेती साल में कभी भी की जा सकती है.
अनानास की फसल पकने में लेती है 18 से 20 महीने
अनानास की बुवाई से लेकर फल पकने तक लगभग 18 से 20 महीने लग जाते है. फल पकने पर उसका रंग लाल-पीला होना शुरू हो जाता है. जिसके बाद इसकी तुड़ाई की प्रकिया की शुरुआत हो जाती है.
इस फसल का प्रबंधन भी आसान
पाइनएप्पल का पौधा कैक्टस प्रजाति का होता है. इसका रख-रखाव और प्रबंधन भी बहुत आसान होता है. अन्य पौधों के मुकाबले अनानास की फसल को सिंचाई की कम आवश्यकता होती है. इसके लिए ध्यान रखें कि खेतों में खरपतवार ना जमा हो और पौधों के लिए समूचित छांव की व्यवस्था हो.
अनानास के पौधों का ज्यादा ध्यान नहीं रखना होता है, क्योंकि पानी की जरूरत कम होती है. पाइनएप्पल के पौधों को छांव की आवश्यकता होती है. खेत में कुछ-कुछ दूरी पर पौधे लगाने की आवश्यकता होती है. उर्वरक में डीएपी, पोटाश और हल्के सुपर यूरिया की आवश्यकता होती है, जिसे भूमि के आधार पर तय किया जाता है. पाइनएप्पल के साथ-साथ बीच में दूसरी हल्की फसल भी लगा सकते हैं.
प्रति हेक्टेयर लाखों का मुनाफा
अनानास के पौधे पर एक ही बार फल लगता है. एक लॉट में सिर्फ एक बार ही पाइनएप्पल प्राप्त किया जा सकता है. इसके बाद दूसरे लॉट के लिए फिर से फसल लगानी होती है. बाजार में यह फल तकरीबन 150 से 200 रुपये प्रति किलो बिक ही जाता है. अगर 1 हेक्टेयर में किसान 30 टन का उत्पादन करें, तो ही वह लाखों का उत्पादन हासिल कर सकता है.
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