छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से धान के फसल की खरीदारी शुरू होने वाली है. इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि धान बेचने वाले किसानों को समितियां और उपार्जन केन्द्रों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए.
बता दें कि भूपेश सरकार की वापसी किसानों के दम पर हुई थी, इस दौरान किसानों का समर्थन मूल्य ₹25 सौ किया गया था और छत्तीसगढ़ में सरकार बनाई थी. अब सरकार 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू कर रही है. धान खरीदी की सभी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में जिलों के प्रभारी सचिव और कलेक्टर को मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि समिति स्तर पर 1 नवंबर को किसानों की बैठक ली जाए और किसानों से धान आवागमन की प्लानिंग समिति स्तर पर की जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश के कारण धान कटाई पूरे तरीके से शुरू नहीं हुई है.
किसानों को धान को सुखाकर लाने के लिए प्रेरित करें, ताकि उन्हें धान बेचने में परेशानी न हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार, प्रत्येक वर्ष खरीदे जाने वाले धान में नमी का 17 प्रतिशत से कम होना चाहिए. इसका किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान की मिलिंग के लिए राइस मिलों के पंजीयन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए.
बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ साल 2022-23 में एक लाख 29 हजार नए किसानों के एक लाख 9 हजार हेक्टेयर रकबे का नवीन पंजीयन किया गया है. इस प्रकार खरीफ साल 2022-23 में धान खरीदी के लिए 25 लाख 23 हजार किसानों के 29.42 लाख हेक्टेयर रकबे का पंजीयन किया जा चुका है.
गौरतलब है कि पिछले खरीफ वर्ष में धान खरीदी के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या 24 लाख 5 हजार थी. बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि धान खरीदी के लिए वर्तमान में लगभग 3 लाख 92 हजार गठान नये, पुराने बारदाने उपलब्ध हो चुके हैं. इसके अलावा नये बारदानों की प्राप्ति तथा पुराने बारदानों के संकलन एवं सत्यापन का कार्य सतत रूप से पूरा किया जा रहा है. राज्य स्तरीय समिति के निर्णय के अनुसार, सभी जिलों में धान परिवहन हेतु परिवहनकर्ताओं से अनुबंध किया जा चुका है. साथ ही धान परिवहन हेतु अन्य आवश्यक तैयारियां भी पूर्ण की जा चुकी हैं.
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि मिलरों द्वारा समितियों से धान के अधिकतम उठाव को सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाकर कार्य करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि समितियों को धान खरीदी हेतु अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाए. बैठक में बताया गया कि विप्णन संघ द्वारा धान खरीदी के संबंध में प्रदेश स्तर पर जिलों के सभी मास्टर ट्रेनर्स तथा मास्टर ट्रेनरों द्वारा धान खरीदी में लगाया जाय. इसके लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण किया जा चुका है.
इस फैसले के राजनीतिक मायने
बता दें कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023 में होना है. इसके लिए मात्र 1 साल बचे हैं. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लगता है कि अगर किसानों को अच्छे से हैंडल नहीं किया गया तो यह वोट बैंक खिसक सकता है. इसलिए भूपेश बघेल ने सतर्कता दिखाते हुए बैठक ली है और कड़े निर्देश दिए हैं. बारदाना की कमी को लेते हुए सीएम ने कहा कि अस्सी से नब्बे परसेंट बारदाना की उपलब्धता पर काम हो गया है, बाकी के लिए जूट मिल कमिश्नर से बात हो रही है, उसको भी पूरा कर लिया जाएगा.
(रायपुर से श्री प्रकाश तिवारी का इनपुट)
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