फर्जी किसान बनकर ले गए थे अवॉर्ड, रडार पर आते ही वापस किया पुरस्कार, जानें पूरा मामला

कुछ दिन पहले लखनऊ में हुए आम महोत्सव में प्रदेश भर के आम की खेती करने वाले किसानों को बुलाया गया था और सभी जिलों का ऑडिटोरियम में स्टॉल लगाया गया था. बस्ती से भी उन्नतशील किसान आए हुए थे. हालांकि, महोत्सव से वे सभी मायूस लौटे क्योंकि उनके हक का अवॉर्ड उद्यान विभाग के कर्मचारियों ने झटक लिया था.

Advertisement
Mango Festival Mango Festival

संतोष सिंह

  • बस्ती,
  • 30 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुछ दिन पहले आम महोत्सव का आयोजन किया गया था. महोत्सव में उद्यान विभाग के कर्मचारियों द्वारा फर्जी किसान बनकर अवॉर्ड लेने का मामला भी सामने आया था. अब उद्यान विभाग के कर्मचारियों को तत्काल अवॉर्ड वापस करने का फरमान सुना दिया गया. इसके बाद सभी कर्मचारियों ने अपना अवॉर्ड वापस भी कर दिया.

क्या था पूरा मामला?

कुछ दिन पहले लखनऊ में हुए आम महोत्सव में प्रदेश भर के आम की खेती करने वाले किसानों को बुलाया गया था. महोत्सव में सभी जिलों का ऑडिटोरियम में स्टॉल लगाया गया था. बड़ी बात यह है कि इस आम महोत्सव का उद्घाटन हर साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होता है. बस्ती से भी उन्नतशील किसान आए हुए थे. हालांकि, महोत्सव से वे सभी मायूस लौटे क्योंकि उनके हक का अवार्ड उद्यान विभाग के कर्मचारियों ने झटक लिया. इसकी शिकायत किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी और सूबे के मुखिया योगी से की. इसके बाद मामला सुर्खियों में आया और अधिकारियों ने आनन-फानन में कर्मचारियों का अवॉर्ड वापस भी करा दिया.

Advertisement

किसानों की जगह सरकारी कर्मचारियों ने कैसे ले लिया अवॉर्ड?

दरअसल, लखनऊ में हर साल की तरह इस साल भी मैंगो फेस्टिवल का आयोजन हुआ. आम की पैदावार करने वाले कई प्रदेश के किसान खुद के द्वारा उगाए गए आम लेकर इस प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे. बस्ती जनपद के भी किसानों ने भी हर वर्ष की तरह इस महोत्सव में भाग लिया. इस कार्यक्रम में अचानक बड़े वाले साहब की एंट्री हुई. किसानों के आम को बस्ती उद्यान विभाग के कर्मचारियों ने ही अपने नाम से प्रस्तुत कर खुद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पुरस्कार झटक लिया. बेचारे असली किसान मन मसोस कर रह गए. विभागीय कर्मी ही किसान बनकर खुद पुरस्कार ले उड़े.

इस मामले पर बिठाई गई थी जांच

इस मामले का खुलासा होते ही संयुक्त निदेशक जिला औद्यानिक केंद्र डॉक्टर अतुल सिंह ने जांच बैठा दी थी. उत्तर प्रदेश आम महोत्सव में आम की किस्मों के आधार पर यह पुरस्कार केवल आम उत्पादक किसानों को ही प्रदान किया जाता है. बस्ती जिले से भी आम उत्पादक किसानों के आम प्रदर्शनी में लगाने गए थे. बस्ती जिले के किसानों द्वारा लगाए गए रंगीन आमों की किस्मों को पुरस्कार नहीं मिला. किसानों की जगह बस्ती उद्यान विभाग में कार्यरत शुभम सिंह नाम के कर्मचारी नें 2 पुरस्कार झटक लिए. माली संजय नें 4 और संयुक्त निदेशक के ड्राइवर राम सुभावन नें 1 पुरस्कार प्राप्त किया था. 

Advertisement

इन किस्मों का रहा बोल-बाला

आम महोत्सव लखनऊ में रंगीन आमों की किस्मों नें लोगों को खूब लुभाया. रंगीन आमों की किस्मो में जो ख़ास रहे उसमें विदेशी प्रजाति का टॉमी एटकिन्स, सेंसेसन, अरुनिका, अम्बिका, अरुणिमा, पूषा श्रेष्ठ, पूषा प्रतिभा, नारद, दर्जनों किस्में लोगों को लुभाती रही. बड़े साइज की किस्मों के साथ सेल्फी की लगी रही होड़ आम महोत्सव में जहां रंगीन किस्मों ने अलग छाप छोड़ी. वहीं, बहुत सी किस्मों किस्में ऐसी रहीं जिनका वजन 2 से 4 किलोग्राम तक रहा. इसमें राजा वाला, नूरजहां, सरदार, हाथी झूल, बदामी,  गदामार जैसी दर्जनों किस्में शामिल रहीं. इन आमों की किस्मों के साथ सेल्फी लेने वालों की होड़ लगी रही.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement