जिला उपभोक्ता आयोग मुजफ्फरपुर ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को एक मधुमक्खी पालक को 27 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है. दरअसल, परिवादी ने इस बीमा कंपनी से मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन के सुरक्षित व्यवसाय के लिए 17,50,000 का बीमा करवाया था. इसके अलावा संयंत्र और मशीनरी की सुरक्षा के लिए भी उसने अलग से 9,50,000 रुपये का बीमा लिया था. इसके लिए शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी को कुल 15,115 रुपये का भुगतान भी किया था.
बीमा कंपनी ने क्लेम की राशि देने से किया था मना
4 अगस्त 2020 को भीषण बाढ़ के शिकायतकर्ता मुसाचक गांव निवासी विजय कुमार का पूरा संयंत्र और मशीनरी बाढ़ में नष्ट हो गया. उसका मधुमक्खी पालन तथा शहद उत्पादन का पूरा व्यवसाय ही खत्म हो गया. शिकायतकर्ता ने मामले की सूचना बीमा कंपनी को दी. बीमा क्लेम का दावा किया, लेकिन कंपनी की तरफ राशि देने में टालमटोल की जाने लगी. बीमा कंपनी के कार्यालयों का चक्कर लगाते - लगाते परिवादी परेशान हो गया. थक-हारकर परिवादी ने सितम्बर 2021 में जिला उपभोक्ता आयोग मुजफ्फरपुर में परिवाद दाखिल करा दिया.
6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर वापस करने होंगे रुपये
मामले की सुनवाई लगभग दो वर्षों तक चली. आयोग के अध्यक्ष पीयूष कमल दीक्षित, सदस्य सुनील कुमार तिवारी एवं अनुसुया की पूर्ण पीठ के द्वारा बीमा कंपनी को 27 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया गया. बीमा कंपनी द्वारा नियत समय अवधि में बीमा राशि का भुगतान न करने पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना होगा. साथ ही शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में 40,000 (चालीस हजार) रुपये का भी भुगतान करना होगा. परिवादी की ओर से मामले की पैरवी कर रहे मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस. के. झा ने कहा कोर्ट का ये फैसला बेहद महत्वपूर्ण है. सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं.
मणि भूषण शर्मा