कॉकरोच, दिखने में एक छोटा जा जीव है, लेकिन इसे देखकर कई लोग डर जाते हैं. इन्हें घर से बाहर भगाने के लिए कई जुगत लगाए जाते हैं. पेस्ट कंट्रोल पर भी ठीक-ठाक रुपये खर्च करते हैं. अगर आपको बताएं कि इन्हीं कॉकरोच का पालन कर कई देशों में लोग बढ़िया मुनाफा भी कमा रहे हैं, तो आप भी हैरान हो सकते हैं. चीन में तो इन कॉकरोच की बड़े पैमाने पर पालन भी कर रहे हैं..
कचरे के निपटारे के लिए पाले जाते हैं कॉकरोच!
चीन एक बेहद घनी आबादी वाला देश है. सामान्य बात है कि यहां कचरा भी बड़े पैमाने पर जनरेट होता है. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कचरे का इंसानों से लेकर पर्यावरण तक का काफी नुकसान होता है. कचरे के निपटारे के लिए यहां बड़े पैमाने पर कॉकरोच का पालन होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि कॉकरोच द्वारा कचरे को चट करने के दौरान कोई पर्यावरणीय खतरा नहीं होता है.
कई रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन में सालाना 60 मिलियन टन रसोई का कचरा जनरेट होता है. तकनीकी सहायता से कचरे निपटारे में ग्रीन हाउस उत्सर्जन का खतरा, पहाड़ी क्षेत्रों को नुकसान जैसे मामले सामने आ सकते हैं. इसके अलावा ये तरीका महंगा भी होता है. कॉकरोच द्वारा कचरे के निपटान में इस तरह की कोई समस्या नहीं आती है. साथ ही ये बेहद सस्ती प्रकिया है.
इस तरीके से पाले जाते हैं कॉकरोच
चीन में कॉकरोच कंपोस्ट बिन से लेकर बड़ी-बड़ी फैक्ट्री तक में पाले जाते हैं. इन कॉकरोच की सबसे ज्यादा खेती शिचांग शहर में बड़े पैमाने पर होती है. जिस जगह पर इन कॉकरोच का होता है, वह किसी लैब्स से कम नहीं है. इनकी खेती के लिए लकड़ी के बोर्ड के घर बनाए जाते हैं. कमरे में हल्की नमी रखी जाती है. इस तरह के माहौल में कॉकरोच बेहद अच्छे से विकास करते हैं. वर्तमान में चीन में सैकड़ों कॉकरोच फार्म हैं. इन फार्म को स्थापित करने में आने वाली लागत भी ज्यादा नहीं है.
सौदर्य प्रसाधनों से दवाओं को बनाने में होता है कॉकरोच का इस्तेमाल
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, कॉकरोच इस्तेमाल कीड़ों का इस्तेमाल ज्यादातर सौंदर्य प्रसाधनों और दवाओं के उत्पादन में या जानवरों के चारे के लिए किया जाता है. इनसे बनी दवाओं से पैप्टिक अल्सर, त्वचा की जलन, घावों और पेट के कैंसर को भी ठीक करने का दावा किया जा चुका है. माना जाता है कि ये हड्डी के फ्रैक्चर, सूजन को भी ठीक करने में मददगार हैं.
प्रोटीन डाइट के तौर पर भी किए जाते हैं उपयोग
कई देशों में ये कॉकरोच प्रोटीन डाइट का भी विकल्प बन चुके हैं. ये जानवरों के खिलाने के काम तो आ रहे हैं. इसके अलावा ज्यादा प्रोटीन होने के चलते इनसे बने पॉउडर का इस्तेमाल ब्रेड, पास्ता और प्रोटीन बार में भी खूब हो रहा है. माना जा रहा है कि ये स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं. इसके लिए इनके जीवनकाल के खत्म होने से पहले मशीनों की मदद से उन्हें साफ करके सुखा दिया जाता है और पोषण निकाल लिया जाता है. ये पाउडर के रूप में भी हो सकता है और लिक्विड के रूप में भी. बता दें कि कॉकरोच का जीवनकाल कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक का होता है.
सचिन धर दुबे