3 जनवरी 2026 की तड़के, काराकास में कई धमाके हुए और आसमान में कम ऊंचाई पर उड़ते विमान देखे गए. कुछ ही घंटों में डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने का हमला किया है और इसके लंबे समय तक शासन करने वाले राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले जाया गया.
यह कार्रवाई लैटिन अमेरिका में अमेरिका की सबसे प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप मानी जा रही है, जो 1989 में पनामा के हमले के बाद की सबसे बड़ी है. अमेरिकी वायुसेना ने काराकास के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और अमेरिकी विशेष बलों ने मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया.
निकोलस मादुरो की सरकार ने अमेरिकी हमले को सैन्य आक्रामकता बताते हुए इसकी निंदा की है. कराकस के साथ-साथ मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा राज्यों में बम धमाके हुए हैं. मादुरो सरकार ने कहा कि वेनेजुएला को डराने और धमकाने के ऐसे अमेरिकी प्रयास सफल नहीं होंगे. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी है.
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने का यह रातोंरात ऑपरेशन महीनों की सूक्ष्म योजना का नतीजा था, जिसका उद्देश्य मादुरो, उनकी पत्नी और आम नागरिकों को नुकसान से बचाना था. केन के मुताबिक अमेरिकी बल क्रिसमस और नए साल के दौरान भी सतर्क रहे और एक संकीर्ण मौसम-अवसर का इंतजार करते रहे, जो शुक्रवार देर रात मिला.
उन्होंने बताया कि अनुकूल मौसम मिलते ही विशेष पायलटों ने कम ऊंचाई पर पानी के ऊपर से हेलीकॉप्टर उड़ाकर वेनेजुएला में प्रवेश किया, जबकि ऊपर अमेरिकी लड़ाकू विमान हवाई सुरक्षा दे रहे थे. इसे एक आश्चर्यजनक और सटीक हमला बताते हुए केन ने कहा कि मिशन में 20 अलग-अलग ठिकानों से 150 से ज्यादा विमान शामिल थे, जिनमें F-22, F-35, F-18 फाइटर जेट, B-1 बॉम्बर, सहायक विमान और ड्रोन शामिल थे.
हेलीकॉप्टरों को “एक्सट्रैक्शन फोर्स” की भूमिका दी गई थी, जिनका काम मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेना था. केन ने कहा कि वापसी के दौरान कुछ “आत्मरक्षा वाली झड़पें” हुईं, लेकिन ऑपरेशन का समय इस तरह चुना गया था कि नागरिकों का जोखिम न्यूनतम रहे और आश्चर्य का तत्व बना रहे.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति ट्रंप को पकड़ने के लिए अमेरिका ने जो ऑपरेशन चलाया था, उसे Operation Absolute Resolve दिया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में ऑपरेशन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला पर अब हमारा नियंत्रण है और वेनेजुएला के लोग खुश हैं. ट्रंप ने कहा है कि इस ऑपरेशन से पूरे क्षेत्र में ड्रग्स के नेटवर्क का खात्मा हो गया है. ट्रंप ने इस ऑपरेशन के लिए अमेरिकी सेना को बधाई दी है.
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "कल देर रात और आज सुबह मेरे निर्देश पर यूनाइटेड स्टेट्स आर्म्ड फोर्सेज ने वेनेजुएला की राजधानी में एक असाधारण मिलिट्री ऑपरेशन किया. ज़बरदस्त अमेरिकी मिलिट्री ताकत, हवा, ज़मीन और समुद्र, का इस्तेमाल करके एक शानदार हमला किया गया. यह ऐसा हमला था जैसा लोगों ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद से नहीं देखा था. यह काराकास के बीच में एक मज़बूत मिलिट्री किले के खिलाफ़ एक कार्रवाई थी ताकि गैर-कानूनी तानाशाह निकोलस मादुरो को न्याय के कठघरे में लाया जा सके. यह अमेरिकी इतिहास में अमेरिकी मिलिट्री ताकत और काबिलियत का सबसे शानदार, असरदार और शक्तिशाली प्रदर्शनों में से एक था."
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने कहा है कि वेनेजुएला में हालिया तनाव बढ़ने की घटनाओं से वह बेहद चिंतित हैं, जिसका चरम बिंदु आज देश में की गई अमेरिका की सैन्य कार्रवाई है, जिसके क्षेत्र पर गंभीर और चिंताजनक प्रभाव पड़ सकते हैं.
महासचिव ने वेनेजुएला के सभी पक्षों से मानवाधिकारों और कानून के शासन का पूर्ण सम्मान करते हुए समावेशी संवाद में शामिल होने का आह्वान किया है.
वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता एक्टिविस्ट मारिया कोरिना मचाडो का नाम चर्चा में है. मारिया कोरिना मचाडो (María Corina Machado) वेनेजुएला की सबसे प्रमुख विपक्षी नेता हैं. वह लिबरल पॉलिटिशियन हैं और लंबे समय से ह्यूगो शावेज और निकोलस मादुरो की सरकारों के खिलाफ लोकतंत्र और फ्रीडम की लड़ाई लड़ रही हैं.
मारिया कोरिना मचाडो ने एक भावुक संदेश जारी करते हुए कहा है कि आज़ादी की घड़ी आ गई है. उन्होंने कहा कि निकोलस मादुरो अब वेनेजुएलावासियों और अन्य देशों के नागरिकों के खिलाफ किए गए गंभीर अपराधों के लिए अंतरराष्ट्रीय न्याय का सामना कर रहे हैं. बातचीत से समाधान स्वीकार न करने के बाद अमेरिका ने कानून लागू करने का अपना वादा पूरा किया है.
उन्होंने देश में व्यवस्था बहाल करने, राजनीतिक कैदियों को रिहा करने और एक नया, बेहतर वेनेजुएला बनाने का आह्वान किया. माचाडो ने एडमंडो गोंजालेज उरारिया को वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति बताते हुए कहा कि उन्हें तुरंत अपना संवैधानिक कार्यकाल संभालना चाहिए और सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए.
उन्होंने कहा, “आज हम अपने जनादेश को लागू करने और सत्ता संभालने के लिए तैयार हैं.”
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला में किए गए ऑपरेशन को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं. ट्रंप ने स्वीकार किया कि इस कार्रवाई में अमेरिकी बलों के कुछ जवान घायल हुए हैं, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई. उन्होंने बताया कि उन्होंने फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो में एक कमरे से इस पूरे ऑपरेशन को लाइव टीवी शो की तरह देखा और इसे बेहद पेशेवर बताया. ट्रंप के मुताबिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन और उनका सटीक तरीके से काम करना अद्भुत था.
ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन ईरान के परमाणु ठिकानों पर की गई कार्रवाई जितना ही प्रभावशाली था. अमेरिकी बलों ने स्टील की बाधाएं तोड़ीं, कोई विमान नहीं खोया गया, हालांकि एक हेलीकॉप्टर को गंभीर नुकसान पहुंचा. उन्होंने बताया कि मादुरो एक बेहद सुरक्षित किले में था, जहां स्टील के दरवाजे थे और उसके पास भागने के लिए एक सुरक्षित रास्ता भी था, लेकिन अमेरिकी बलों ने उसे घेरकर पकड़ लिया.
ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन चार दिन पहले किया जाना था, लेकिन मौसम अनुकूल नहीं था. उन्होंने साफ किया कि यह कार्रवाई मेक्सिको की राष्ट्रपति को संदेश देने के लिए नहीं थी और अमेरिका वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में मजबूती से शामिल रहेगा. उन्होंने कहा कि मादुरो आखिरी समय तक उनसे बातचीत कर समझौता करना चाहता था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया.
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में अगली सरकार को लेकर फैसला किया जा रहा है और जरूरत पड़ी तो दूसरी कार्रवाई के लिए भी अमेरिका तैयार था. उन्होंने यह भी कहा कि मादुरो के पास जनता का समर्थन नहीं था और बाकी नेता उससे अलग हो चुके थे. ट्रंप ने कहा कि आगे की जानकारी वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में देंगे और इस ऑपरेशन पर उन्हें गर्व है.
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक्स पर कहा कि वे वेनेजुएला में विभिन्न रणनीतिक ठिकानों पर बमबारी कर अमेरिका द्वारा की गई खुलेआम साम्राज्यवादी आक्रामकता की कड़ी निंदा करते हैं. उन्होंने कहा कि यह एक दुष्ट राज्य की क्रूर कार्रवाई को उजागर करता है, जो अपने छलपूर्ण एजेंडे को थोपने के लिए ग्लोबल साउथ के खिलाफ खुली दुश्मनी को हवा दे रहा है.
पिनरायी विजयन ने इसे आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि इससे लैटिन अमेरिका की शांति को गंभीर खतरा पैदा होता है, जो पहले ही ऐसे हमलों और साम्राज्यवाद-विरोधी संघर्षों का लंबा इतिहास झेल चुका है. उन्होंने कहा कि सभी देशों को एकजुट होकर वेनेजुएला पर इस बेखौफ हमले के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और वैश्विक शांति के खिलाफ साम्राज्यवादी कदमों का विरोध करना चाहिए.
चीन ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका द्वारा खुले तौर पर बल प्रयोग किए जाने और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ की गई कार्रवाई पर कड़ी निंदा जताई है. चीन ने कहा कि अमेरिका के ऐसे वर्चस्ववादी कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन हैं तथा लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं. चीन ने इन कार्रवाइयों का दृढ़ता से विरोध किया है.
चीन ने अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करने और अन्य देशों की संप्रभुता व सुरक्षा का उल्लंघन बंद करने का आह्वान किया है.
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने वेनेजुएला की जमीन पर की गई बमबारी और वहां के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को अस्वीकार्य सीमा का उल्लंघन बताया है. उन्होंने कहा कि ये कार्रवाइयां वेनेजुएला की संप्रभुता पर गंभीर हमला हैं और पूरी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक बेहद खतरनाक मिसाल पेश करती हैं.
सिल्वा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करते हुए किसी देश पर हमला करना हिंसा, अराजकता और अस्थिरता की ओर पहला कदम होता है, जहां बहुपक्षीय व्यवस्था के बजाय ताकतवर की ही चलती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बल प्रयोग की निंदा करना वही रुख है, जिसे ब्राजील ने हाल के वर्षों में अन्य देशों और क्षेत्रों के मामलों में भी लगातार अपनाया है.
ब्राज़ील के राष्ट्रपति ने कहा कि यह कार्रवाई लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र की राजनीति में दखल के सबसे बुरे दौर की याद दिलाती है और इस क्षेत्र को शांति क्षेत्र के रूप में बनाए रखने के लिए खतरा पैदा करती है. संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस घटना पर कड़ा और प्रभावी जवाब देना चाहिए.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि वेनेजुएला पर अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य हमलों में उनके देश की कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पहले पूरे घटनाक्रम के तथ्य जानना चाहते हैं और इस संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा सहयोगी देशों के नेताओं से बातचीत करेंगे.
ब्रिटिश मीडिया से बातचीत में स्टार्मर ने कहा, “मैं सबसे पहले तथ्यों को स्थापित करना चाहता हूं. मैं राष्ट्रपति ट्रंप से बात करना चाहता हूं और अपने सहयोगियों से भी चर्चा करूंगा. मैं पूरी तरह स्पष्ट हूं कि हम इसमें शामिल नहीं थे… और मेरा हमेशा से मानना है कि हम सभी को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए.”
अमेरिकी नेता जेडी वेंस ने कहा, “राष्ट्रपति (ट्रंप) ने इस पूरे घटनाक्रम में कई बार टकराव से बचने के रास्ते दिए, वह लगातार साफ कहते रहे कि मादक पदार्थों की तस्करी बंद होनी चाहिए और चोरी किया गया तेल अमेरिका को लौटाया जाना चाहिए. मादुरो अब यह जानने वाले सबसे नए व्यक्ति हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप जो कहते हैं, उस पर अमल भी करते हैं. मैं हमारे बहादुर विशेष बलों को बधाई देता हूं, जिन्होंने एक बेहद प्रभावशाली ऑपरेशन को अंजाम दिया. और उन सभी के लिए सार्वजनिक संदेश जो इसे ‘अवैध’ बता रहे हैं. मादुरो के खिलाफ अमेरिका में नार्को-आतंकवाद के कई अभियोग दर्ज हैं. आप काराकस के किसी महल में रहकर अमेरिका में ड्रग तस्करी के अपराधों से बच नहीं सकते.”
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने कहा कि निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी, सिलिया फ्लोरेस पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी डिस्ट्रिक्ट में आरोप लगाए गए हैं. निकोलस मादुरो पर नार्को-टेररिज्म साज़िश, कोकीन इम्पोर्ट साज़िश, अमेरिका के खिलाफ मशीनगन और खतरनाक डिवाइस रखने की साज़िश का आरोप लगाया गया है. उन्हें जल्द ही अमेरिकी धरती पर अमेरिकी अदालतों में अमेरिकी न्याय का पूरा ट्रायल झेलना पड़ेगा. पूरे अमेरिकी DOJ की ओर से मैं राष्ट्रपति ट्रंप को अमेरिकी लोगों की ओर से जवाबदेही मांगने की हिम्मत दिखाने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और हमारे बहादुर सैनिकों को बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने इन दो कथित अंतरराष्ट्रीय नार्को तस्करों को पकड़ने के लिए यह शानदार और बहुत सफल मिशन चलाया.
वेनेजुएला के विदेश मंत्री इवान गिल ने कहा, “हमें राष्ट्रपति के जीवित होने का प्रमाण चाहिए. अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप को राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और प्रथम महिला सिलिया फ्लोरेस की शारीरिक सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी और उन्हें तुरंत वापस देश भेजना चाहिए.”
अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने के बाद उत्तर कोरिया की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने अमेरिका को विश्व युद्ध की चेतावनी देते हुए कहा, “हम एक विश्व युद्ध की ओर बढ़ेंगे.”
उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी नेतृत्व से मादुरो की स्थिति तुरंत सार्वजनिक करने की मांग की. किम जोंग-उन ने मादुरो को अपना मित्र बताते हुए कहा कि यह दमनकारी कार्रवाई पूरी दुनिया को युद्ध की ओर धकेल सकती है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए, अन्यथा इसके गंभीर वैश्विक परिणाम हो सकते हैं.
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में आरोप तय किए गए हैं, जब अमेरिका ने काराकास में एयरस्ट्राइक की.
बोंडी ने कहा कि मादुरो पर नार्को-टेररिज्म की साज़िश, कोकीन आयात की साज़िश, मशीनगन और खतरनाक डिवाइस रखने और अमेरिका के खिलाफ मशीनगन और खतरनाक डिवाइस रखने की साज़िश का आरोप लगाया गया है.
अमेरिका की ओर से वेनेजुएला में अंतरिम सरकार को मान्यता देने का पहला संकेत सामने आया है. अमेरिकी सीनेटर टॉम कॉटन ने ट्वीट में कहा कि निकोलस मादुरो केवल अवैध तानाशाह ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने व्यापक मादक पदार्थ तस्करी का नेटवर्क भी चलाया. मादुरो को इसी कारण छह साल पहले अमेरिका की अदालत में ड्रग तस्करी और नार्को-आतंकवाद के मामलों में अभियोगित किया गया था.
उन्होंने पुष्टि की कि मादुरो अब अमेरिकी हिरासत में हैं और अपने अपराधों के लिए न्याय का सामना करेंगे. कॉटन ने राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सशस्त्र बलों तथा कानून प्रवर्तन अधिकारियों की सराहना की. उन्होंने यह भी कहा कि अब वेनेजुएला की अंतरिम सरकार को यह तय करना है कि वह मादक पदार्थ तस्करी और ईरान व क्यूबा जैसे प्रतिद्वंद्वियों के साथ गठजोड़ जारी रखेगी या सामान्य राष्ट्र की तरह व्यवस्थित होकर सभ्य दुनिया में लौटेगी. उन्होंने सरकार से विवेकपूर्ण निर्णय लेने का आग्रह किया.
वेनेजुएला में अब तीन मुख्य परिदृश्य सामने हैं. पहला, सांविधिक संक्रमण (अनुच्छेद 233) है, जिसमें डेल्सी रोड्रिग्ज अंतरिम राष्ट्रपति बन सकती हैं और 30 दिन के भीतर चुनाव कराए जाने हैं. इस चुनाव में विजेता को पूरे छह साल का कार्यकाल मिलेगा. यह कानूनी रास्ता है, लेकिन इसका निर्भर शासन की एकरूपता और संस्थागत नियंत्रण पर है.
दूसरा, शासन पतन और विपक्ष का अधिग्रहण हो सकता है, जिसमें वरिष्ठ नेता इस्तीफा दे सकते हैं, देश छोड़ सकते हैं या विपक्ष एडमुंडो गोंजालेज उरुतिया को वैध राष्ट्रपति मान सकता है. गोंजालेज को नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना माचाडो का समर्थन प्राप्त है और वे पुलिस व सशस्त्र बलों से व्यापक समर्थन का दावा करती हैं. माचाडो ने “व्यवस्थित और शांतिपूर्ण संक्रमण” की तैयारी की बात कही है.
तीसरा, सैनिक अधिग्रहण का विकल्प है, जिसमें रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रिनो लोपेज़ ने अमेरिकी कार्रवाई को “आक्रमण” कहा है और विदेशी सैनिकों के खिलाफ प्रतिरोध का संकल्प लिया है. इस परिदृश्य में लंबी अस्थिरता, दमन या आंतरिक संघर्ष का जोखिम बन सकता है.
चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर अपनी चिंता और निंदा व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि चिली सरकार इस गंभीर संकट का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर देती है.
राष्ट्रपति बोरिक ने अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत सिद्धांतों की पुष्टि की, जिसमें बल के उपयोग पर रोक, गैर-हस्तक्षेप, अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान और राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता शामिल हैं. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला का संकट केवल संवाद और बहुपक्षीय सहयोग के माध्यम से हल किया जाना चाहिए, न कि हिंसा या विदेशी हस्तक्षेप के जरिए.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ट्वीट कहा कि मादुरो वेनेजुएला के राष्ट्रपति नहीं हैं और उनका शासन वैध सरकार नहीं है. मादुरो कार्टेल डे लॉस सोल्स के मुखिया है, जो एक नार्को टेरर संगठन है, जिसने एक देश पर कब्ज़ा कर लिया है. और उस पर यूनाइटेड स्टेट्स में ड्रग्स फैलाने का आरोप है.
यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने कहा कि उन्होंने वेनेजुएला की स्थिति पर अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो और कराकस में अपने राजदूत से बातचीत की है. यूरोपीय संघ इस समय वेनेजुएला की घटनाओं पर बारीकी से नजर रख रहा है. यूरोपीय संघ ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति मादुरो के पास वैधता नहीं है और उन्होंने शांतिपूर्ण सत्ता संक्रमण का समर्थन किया है. हर परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पालन किया जाना आवश्यक है. यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान किया है.
यूरोपीय संघ ने यह भी कहा कि देश में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों से ठीक कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने चीन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीन के लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई मामलों के लिए विशेष दूत और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष प्रतिनिधि क्यू शियाओछी कर रहे थे. प्रतिनिधिमंडल में वेनेजुएला में चीन के राजदूत लान हू, चीनी विदेश मंत्रालय के लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई विभाग के निदेशक लियू बो, उप निदेशक वांग हाओ और क्षेत्रीय अटैची लियू शेन शामिल थे. इस अहम बैठक में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.
अमेरिकी सीनेटर माइक ली ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी कर्मियों ने गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें अमेरिका में आपराधिक आरोपों का सामना करना होगा. माइक ली के मुताबिक, विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने उन्हें जानकारी दी कि वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई का एकमात्र उद्देश्य गिरफ्तारी के दौरान अमेरिकी ऑपरेटिव्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना था. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल वेनेजुएला में किसी अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई की उम्मीद नहीं है.
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा है कि वेनेजुएला सीमा पर सार्वजनिक सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है और यदि बड़ी संख्या में शरणार्थियों का पलायन होता है तो सभी उपलब्ध सहायता बलों को भी सक्रिय किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोलंबिया सरकार वेनेजुएला और पूरे लैटिन अमेरिका की संप्रभुता के खिलाफ किसी भी प्रकार की आक्रामकता को सिरे से खारिज करती है.
ईरान ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है. ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य एक स्वतंत्र देश के खिलाफ अमेरिकी सैन्य आक्रमण क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा का घोर उल्लंघन है. मंत्रालय के मुताबिक, इसके दुष्परिणाम केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरी वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित करेंगे. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे एकतरफा सैन्य कदमों को रोकने और संकट के समाधान के लिए कूटनीति व संवाद को प्राथमिकता देने की अपील की है.
रूस ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कथित सशस्त्र कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आज सुबह अमेरिका ने वेनेजुएला के विरुद्ध सशस्त्र आक्रामकता का कदम उठाया, जिससे मॉस्को को गहरी चिंता है. वॉशिंगटन द्वारा दिए गए तर्क पूरी तरह बेबुनियाद हैं और यह कदम व्यावहारिक कूटनीति नहीं, बल्कि वैचारिक शत्रुता से प्रेरित है.
रूस ने सभी पक्षों से संयम बरतने और हालात को और न भड़काने से बचने की अपील करते हुए संवाद के जरिए मतभेद सुलझाने पर जोर दिया है तथा कूटनीतिक प्रयासों में सहयोग की पेशकश की है. लैटिन अमेरिका को शांति का क्षेत्र बने रहना चाहिए और वेनेजुएला को बिना किसी बाहरी सैन्य हस्तक्षेप के अपने भविष्य का निर्धारण करने का पूरा अधिकार है.
रूस ने वेनेजुएला की जनता के साथ एकजुटता जताते हुए उसकी बोलिवेरियन नेतृत्व को संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा में समर्थन देने की बात कही. साथ ही, रूस ने वेनेजुएला और अन्य लैटिन अमेरिकी देशों की ओर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक बुलाने की मांग का भी समर्थन किया है.
रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कराकस स्थित रूस का दूतावास सामान्य रूप से काम कर रहा है, स्थानीय प्रशासन और रूसी नागरिकों से संपर्क बनाए हुए है और फिलहाल किसी भी रूसी नागरिक के घायल होने की कोई सूचना नहीं है.
वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो ने शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि देश किसी भी विदेशी सैन्य बल की मौजूदगी का कड़ा प्रतिरोध करेगा. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया जा रहा है.
पैड्रिनो ने आरोप लगाया कि तड़के हुए अमेरिकी हमले में नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे आम लोगों को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि सरकार मृतकों और घायलों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है और इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया जाएगा.
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति ने दावा किया है कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस इस समय लापता हैं. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया कि मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया गया है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारा ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है. विस्तृत जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दूंगा.
'हमने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को कब्जे में लिया', ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की पुष्टि की है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट किया, 'संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ एक बड़े पैमाने पर सफल हमला किया है. मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर ले जाया गया है. यह अभियान अमेरिकी एजेंसियों के सहयोग से चलाया गया. विस्तृत जानकारी जल्द ही दी जाएगी. आज सुबह 11 बजे मार-ए-लागो में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!'
कोलंबिया के राष्ट्रपति ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में अमेरिकी वायु सेना द्वारा किए गए हमलों से प्रभावित ठिकानों की सूची प्रकाशित की है. इस सूची में सैन्य और सरकारी सुविधाओं के साथ-साथ देश के पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज का मेमोरियल भी शामिल है. अमेरिका ने जिन ठिकानों को एयर स्ट्राइक के जरिए निशाना बनाया उनमें...
फोर्ट ट्यूना - काराकस का मेन मिलिट्री बेस
ला कार्लोटा - काराकस का मेन एयरबेस
एल वोल्कान - मेन रडार स्टेशन
ला गुएरा पोर्ट - वेनेजुएला का प्रमुख बंदरगाह
इगुएरोटे एयरपोर्ट - मिरांडा राज्य का हवाई अड्डा शामिल हैं.
अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए वेनेजुएला की यात्रा नहीं करने की एडवाइजरी जारी की है. इसमें अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है, 'वेनेजुएला की यात्रा न करें और न ही वहां ठहरें, क्योंकि वहां आपको गलत तरीके से हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया जा सकता है. आपका अपहरण हो सकता है या स्थानीय कानूनों का आपके खिलाफ गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. इस समय वेनेजुएला में अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ अपराध, नागरिक अशांति और खराब स्वास्थ्य व्यवस्था का खतरा बहुत अधिक है. वेनेजुएला में रहने वाले सभी अमेरिकी नागरिकों और वैध स्थायी निवासियों को तुरंत वहां से निकलने की सलाह दी जाती है.'
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियों के मद्देनजर अपने कमर्शियल विमानों के ऑपरेशन पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह प्रतिबंध वेनेजुएला की राजधानी काराकस में सिलसिलेवार धमाकों की खबरों से कुछ ही समय पहले लगाया गया.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य हमारे देश के रणनीतिक संसाधनों, खासकर तेल और खनिजों पर कब्जा करना और राजनीतिक स्वतंत्रता को बलपूर्वक तोड़ना है. उन्होंने देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की है. मादुरो ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी नेशनल डिफेंस प्लान को उचित समय और उपयुक्त परिस्थितियों में लागू किया जाए. साथ ही, उन्होंने देश की सभी सामाजिक और राजनीतिक शक्तियों से इस साम्राज्यवादी हमले के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील की है.
वेनेजुएला की सरकार ने अमेरिकी हमले की पुष्टि करते हुए एक बयान में कहा...
-इस तरह की आक्रामकता अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा है, खासकर लैटिन अमेरिका और कैरेबियन में, और लाखों लोगों के जीवन को गंभीर खतरे में डालती है.
-वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के लिए अमेरिका का युद्ध थोपने का यह प्रयास, पिछले सभी प्रयासों की तरह विफल हो जाएगा. 1811 से ही वेनेजुएला ने ऐसी आक्रामकता का सामना किया है और उन्हें पराजित किया है.
-आज वेनेजुएला के लोग इस हमले के खिलाफ अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक बार फिर उठ खड़े हुए हैं, सड़कों पर उतर आए हैं.
-यूनाइटेड नेशन चार्टर के अनुच्छेद 51 का कड़ाई से पालन करते हुए, वेनेजुएला अपने लोगों, अपने क्षेत्र और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए वैध आत्मरक्षा का प्रयोग करने का अधिकार सुरक्षित रखता है.
-हमारे सुप्रीम लीडर कमांडर ह्यूगो चावेज फ्रियास ने कहा था, 'किसी भी नई कठिनाई का सामना करने के लिए, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सभी देशभक्तों की प्रतिक्रिया एकता, संघर्ष, लड़ाई और विजय होती है.'
वेनेजुएला की सरकार ने एक आधिकारिक बयान में अमेरिका पर अपने नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले शुरू करने का आरोप लगाया है. निकोलस मादुरो की सरकार ने अमेरिकी हमले को सैन्य आक्रामकता बताते हुए इसकी निंदा की है. वेनेजुएला की सरकार ने कहा कि ये हमले कराकस के साथ-साथ मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा राज्यों में हुए हैं. ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है.
ट्रंप ने मादुरो पर मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों और अमेरिका में अवैध प्रवासियों के घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका का कोई भी हमला मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के उद्देश्य से होगा. वहीं दूसरी ओर, मादुरो ने ट्रंप पर वेनेजुएला को उपनिवेश बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि ट्रंप देश के विशाल ईंधन भंडारों पर कब्जा करना चाहते हैं. अमेरिका उन कई देशों में शामिल है जिन्होंने 2024 में मादुरो की कथित चुनावी जीत का विरोध किया था.
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों को शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हुए बम धमाकों और विमानों की मौजूदगी की जानकारी है. यह घटना ट्रंप प्रशासन द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर हफ्तों से डाले जा रहे दबाव के बाद घटी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने वेनेजुएला के समकक्ष पर मादक पदार्थों की तस्करी और अपराध के जरिए अमेरिका में घुसपैठ करने का आरोप लगाया है.
अमेरिकी अधिकारियों ने सीबीएस न्यूज को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमले के आदेश दिए हैं. इसके तहत वेनेजुएला की राजधानी काराकास में मिलिट्री फैसिलिटी, एयरपोर्ट और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है. लड़ाकू विमानों ने शनिवार तड़के काराकास पर बमबारी की.