मारियूपोल में रूसी सेना का Maternity Hospital पर हमला, मलबे में दबे कई मासूम

Russia-Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया है कि रूस की तरफ से एक Maternity Hospital पर हमला किया गया है. उन्होंने इसे इंसानियत की मौत बताया है.

Advertisement
मारियूपोल में रूसी सेना का Maternity Hospital  पर हमला (सांकेतिक फोटो) मारियूपोल में रूसी सेना का Maternity Hospital पर हमला (सांकेतिक फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 11:06 PM IST
  • जेलेंस्की बोले- दुनिया क्यों कर रही इस आंतक की अनदेखी
  • क्रूरता को रोकने की अपील, बातचीत को तैयार हुआ यूक्रेन

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब विस्फोटक रूप ले चुका है. रूस की तरफ से लगातार दावा जरूर हो रहा है कि वो किसी भी रिहायशी इलाके पर हमला नहीं करेगा, किसी अस्पताल को भी अपना निशाना नहीं बनाएगा. लेकिन जमीन पर स्थिति इसके उलट देखने को मिल रही है. अब यूक्रेन के मारियूपोल में एक Maternity Hospital पर हमला किया गया है. ये स्ट्राइक रूसी सेना द्वारा की गई है.

Advertisement

कहा जा रहा है कि इस हमले की वजह से कई बच्चे मलबे में दब गए हैं. 17 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है. अस्पताल को भी भारी नुकसान पहुंचा है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस घटना पर ट्वीट कर लिखा है कि इस मलबे के नीचे कुछ बच्चे हैं. ये हमला नहीं क्रूरता है. जेलेंस्की इस हमले से इतना आहत हो गए हैं कि उन्होंने पूरी दुनिया पर अपना गुस्सा निकाला है.

उन्होंने आगे लिखा है कि दुनिया कब तक इस आतंक को नजरअंदाज करेगी, कब तक वो इसके खिलाफ चुप्पी साधेगी. इस क्रूरता को तुरंत रोका जाए. अब इससे पहले भी रूसी सेना की तरफ से रिहायशी इलाकों में हमला हुआ है. अस्पताल से लेकर मार्केट तक, कई जगह रूसी सेना की तरफ से बमबारी होती दिख गई है. हर बार यूक्रेन के राष्ट्रपति ने ये बोला है कि रूस की सेना इस समय आम लोगों को अपना निशाना बना रही है.

Advertisement

वैसे आज गुरुवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कड़े तेवर दिखाते हुए साफ कह दिया कि रूसी सेना को यूक्रेन की धरती छोड़नी होगी. यूक्रेन के सैनिक अंतिम सांस तक ये युद्ध लड़ने वाले हैं. इस कड़े तेवर के अलावा उनकी तरफ से बातचीत का ऑफर भी दिया गया. उन्होंने कहा कि वे अब शांति चाहते हैं. वे एक बार फिर रूस से बात करने को तैयार हैं.

इस सब के अलावा जेलेंस्की ने यहां तक कह दिया है कि अब वे नेटो में शामिल होने पर ज्यादा जोर नहीं दे रहे हैं. उनके इस बयान ने ही अटकलों के बाजार को गर्म कर दिया था. कहा जाने लगा था कि अब ये युद्ध जल्द समाप्त हो जाएगा. लेकिन अभी के लिए ये सबकुछ सिर्फ बयानों तक सीमित है और जमीन पर ज्यादा प्रगित होती नहीं दिख रही.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement