भारतीय मूल के ब्रिटिश उद्योगपति और सांसद स्वराज पॉल लंदन चिड़ियाघर के लिए नई सौगात लेकर आए हैं. ब्रिटिश उद्योगपति और सांसद स्वराज पॉल ने लंदन चिड़ियाघर को 1 मिलियन पाउंड दान देने का फैसला किया है. पॉल के दिवंगत बेटे अंगद की याद में अंगद अफ्रीकन रिजर्व बनाया गया है. इससे पहले भी उन्होंने साल 1993 में चिड़ियाघर को वित्तीय परेशानियों से बचाने के लिए 1 मिलियन पाउंड दान दिए थे.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वराज पॉल ने रविवार को मध्य लंदन के एक एवियरी और आसपास के क्षेत्र के पुनर्विकास के लिए इस दान की घोषणा की है. बताया जा रहा है कि 88 वर्षीय पॉल का रिजेंट पार्क स्थित चिड़ियाघर के साथ लंबा जुड़ाव रहा है. इस अवसर पर उनके वार्षिक स्वागत समारोह में यूके की कई हस्तियां, भारतीय और अन्य लोगों ने भाग लिया. इसमें लंदन में तैनात भारतीय राजनयिक भी शामिल थे.
बेटे अंगद की याद में बना चिड़ियाघर
ब्रिटिश उद्योगपति और सांसद स्वराज पॉल के बेटे अंगद की 1968 में मौत हो गई थी. पॉल के दिवंगत बेटे अंगद का विवाह समारोह इसी चिड़ियाघर में आयोजित किया गया था. पॉल ने कहा कि उन्होंने अपने अगले प्रमुख प्रोजेक्ट के लिए चिड़ियाघर को 1 मिलियन पाउंड और देने का फैसला किया है. जिसे 'अंगद पॉल अफ्रीकन रिजर्व' कहा जाएगा. इसमें स्नोडन एवियरी और आसपास के क्षेत्र का पुनर्विकास किया जाएगा. इसे अंगद पॉल अफ्रीकी रिजर्व कहा जाएगा.
स्नोडन एवियरी की कल्पना फोटोग्राफ्रर और फिल्म मेकर लॉर्ड स्नोडोन ने की थी और 1962 से 1964 के बीच बनाया गया था. पॉल के दान की रकम से इसे पुनर्विकास किया जाएगा. स्नोडन एवियरी में काले और सफेद रंग के कोलोबस बंदरों की एक बड़ी टुकड़ी और कई अन्य प्रजातियों जैसे तोते और वन मृग को संरक्षित किया जायेगा.
पॉल के 30 साल पुराने जुड़ाव
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पॉल ने आयोजित वार्षिक के दौरान कहा कि जब वे चिड़ियाघर जाते हैं तो यादें ताजा हो जाती हैं. ऐसे लोग जो मुश्किल समय में मददगार साबित हुए वे उनके दिमाग में आ जाते हैं. अपने करीबी माइकल फुट को याद करते हुए पॉल ने कहा कि उन सभी खास लोगों में एक माइकल फुट थे, जो एक समय में लेबर पार्टी के नेता थे. वे एक महान लोक सेवक और दुर्लभ सिद्धांत के राजनेता थे. वह और उनकी पत्नी जिल हमारे बहुत करीबी थे.
पॉल ने पूर्व प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन को याद करते हुए कहा कि इस गॉर्डन में जब मैं चारों ओर देखता हूं तो बस इतना कह सकता हूं कि आज पहले से कहीं ज्यादा, देश उन्हें याद करता है. चिड़ियाघर लंदन के जूलॉजिकल सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाता है. लंदन चिड़ियाघर की स्थापना 1826 में हुई थी. यह प्राकृतिक आवास, वन्यजीव और वैज्ञानिक अनुसंधान को संरक्षित करने के लिए काम करता है.
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