इंटर्नशिप करने US गया था भारतीय छात्र, ऑनलाइन फ्रॉड से लगाया 10 लाख डॉलर का चूना

ठगने के लिए इन छात्रों ने अमेरिकी बुजुर्गों को निशाना बनाया. इन छात्रों ने बुजुर्गों को फोन पर धमकाया और अलग- अलग खातों में पैसा भेजने को कहा.  टेलिमार्केटिंग स्कैम का खुलासा 20 नवंबर 2018 को हुआ. जब अमेरिकी जासूसों और अधिकारियों ने कोर्ट से परमिशन लेकर विश्वजीत झा के आवास पर छापा मारा.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo: Getty images) प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo: Getty images)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2019,
  • अपडेटेड 11:20 AM IST

अमेरिका में एक भारतीय छात्र को 5 साल की कैद की सजा सुनाई गई है. इस छात्र पर एक टेलिमार्केटिंग स्कैम में शामिल होने का आरोप है. इस स्कैम के जरिए लगभग दो दर्जन अमेरिकियों से लगभग 10 लाख डॉलर ठग लिए गए हैं.

अमेरिका के न्याय विभाग ने कहा कि विश्वजीत कुमार झा अमेरिका में इंटर्नशिप कर रहे थे. इन लोगों ने रिटायर अमेरिकियों से लाखों डॉलर ठग लिए. अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक सजा खत्म होने के बाद इन्हें अमेरिका में रहने का अधिकार नहीं होगा और इन्हें डिपोर्ट किया जाएगा.

न्याय विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इन छात्रों ने 58 से लेकर 93 साल तक के लोगों को अपना शिकार बनाया. तीन महीने की अवधि में इन लोगों ने 1180 डॉलर से लेकर, 1 लाख 74 हजार 300  डॉलर ठगे.  

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अमेरिकी को ठगने के लिए इन छात्रों ने बुजुर्गों को निशाना बनाया. इन छात्रों ने बुजुर्गों को फोन पर धमकाया और अलग अलग खातों में पैसा भेजने को कहा.  टेलिमार्केटिंग स्कैम का खुलासा 20 नवंबर 2018 को हुआ. जब अमेरिकी जासूसों और अधिकारियों ने कोर्ट से परमिशन लेकर विश्वजीत झा के आवास पर छापा मारा.

सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने स्कैम से जुड़ी कई दस्तावेज जब्त किए. जांच में पता चला कि साजिश में शामिल लोग स्कैम में मिले पैसे को आपस में बांट लिया करते थे. कुछ रकम को कैलिफोर्निया में एक बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर लिया जाता था. जबकि कुछ रकम इंडिया, चीन और सिंगापुर में ट्रांसफर किया जाता था.

अमेरिका के एटर्नी एरोन एल वीसमैन ने कहा कि जस्टिस डिपार्टमेंट धोखेबाजी की ऐसी खबरों को गंभीरता से लेता है और और बुजुर्गों को टारगेट करने के लिए कठोर दंड की पैरवी करेगा.

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