नाभा जेल ब्रेक के मास्टरमाइंड का होगा प्रत्यर्पण, हांगकांग कोर्ट ने सुनाया फैसला

हांगकांग की एक अदालत ने भगोड़े रमनजीत सिंह उर्फ ​​रोमी के प्रत्यर्पण के पक्ष में फैसला सुनाया है. अदालत ने रोमी के प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार के अनुरोध को मंजूर कर लिया है. रोमी 2016 में नाभा जेल ब्रेक घटना में मुख्य साजिशकर्ता था. 

रमनजीत सिंह उर्फ ​​रोमी की फाइल फोटो
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 20 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 8:12 AM IST

  • रोमी के प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार का अनुरोध मंजूर
  • हांगकांग की अदालत ने प्रत्यर्पण के पक्ष में फैसला सुनाया

पंजाब में नाभा जेल ब्रेक के मास्टरमाइंड रमनजीत सिंह उर्फ ​​रोमी के प्रत्यर्पण के पक्ष में मंगलवार को हांगकांग की एक अदालत ने फैसला सुनाया. पंजाब सरकार ने कहा कि राज्य पुलिस और भारत सरकार के प्रयासों से हांगकांग की एक अदालत ने भगोड़े रमनजीत सिंह उर्फ ​​रोमी के प्रत्यर्पण के पक्ष में फैसला सुनाया है. अदालत ने रोमी के प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार के अनुरोध को मंजूर कर लिया है. रोमी 2016 में नाभा जेल ब्रेक घटना में मुख्य साजिशकर्ता था.

राज्य सरकार ने मंगलवार रात जारी विज्ञप्ति में कहा कि "पंजाब पुलिस और भारत सरकार के समन्वित प्रयासों से, हांगकांग की एक अदालत ने मंगलवार को नाभा जेल ब्रेक के महत्वपूर्ण साजिशकर्ता, भगोड़े रामजीत सिंह उर्फ रोमी के प्रत्यर्पण के पक्ष में फैसला सुनाया.

अदालत ने कहा कि कोर्ट ने रोमी के प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार के अनुरोध को मंजूर कर लिया है. रोमी 2016 में नाभा जेल ब्रेक घटना में मुख्य साजिशकर्ता था, जिसमें दो आतंकवादियों सहित छह हार्ड कोर अपराधियों को मुक्त कराया गया था. सोलह अपराधियों ने जेल पर हमला किया था और अंधाधुंध गोलियां चलाईं. छह कैदियों के भगाने में सफल रहे.

जून 2016 में नाभा पुलिस ने हांगकांग से लौटे रमनजीत सिंह रोमी को 27 चाइनीज क्रेडिट कार्ड, दो डेबिट कार्ड, .32 बोर की लोडेड रिवॉल्वर, 9 जिंदा कारतूस, .32 बोर की पिस्टल 9 जिंदा कारतूस, एक नई स्कार्पियो और एक होंडा सिटी कार के साथ गिरफ्तार किया था. रोमी का मकसद जेलों में बंद पंजाब के गैंगस्टर्स को छुड़ाने के बाद लोगों के बैंक खातों को हैक कर इन पैसों को दिल्ली के रहने वाले एक व्यक्ति के ट्रस्ट के खाते में डालने का था.

पंजाब पुलिस ने हांगकांग के साथ भगोड़े रोमी की गिरफ्तारी पर द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के अनुसार हस्ताक्षर करने के लिए केंद्र से औपचारिक अनुरोध किया था. अनुरोध में रोमी की भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और लूट, हत्या, जबरन वसूली, ड्रग्स की तस्करी और साथ ही अपने स्थानीय सहयोगियों की मदद से कट्टर अपराधियों को हथियारों की आपूर्ति के आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने का हवाला दिया गया था.

Read more!

RECOMMENDED