चीन का मंगल मिशन 2020 में होगा लॉन्च, रोवर का लैंडिंग टेस्ट पूरा

चीनी राष्ट्रीय अंतरिक्ष ब्यूरो ने फ्रांस, इटली, ब्राजील आदि 19 देशों के राजदूतों, और यूरोपीय संघ, चीन स्थित अफ्रीकी संघ, एशिया-प्रशांत अंतरिक्ष सहयोग संगठन के प्रतिनिधियों और मीडिया के संवाददाताओं समेत लगभग 70 लोगों को इस परीक्षण को देखने के लिए आमंत्रित किया.

चीन ने गुरुवार को मंगल मिशन की टेस्टिंग शुरू की (IANS)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:01 AM IST

  • चीन का मंगल मिशन पहली बार खुले तौर पर लोगों की नजर में आया
  • चीन की इस टेस्टिंग का कई देशों के राजनयिक गवाह बने, भारत भी शामिल

चीन ने गुरुवार को मंगल ग्रह पर एक रोवर उतारने के लिए अहम प्रयोग किया, क्योंकि चीन लाल ग्रह तक पहुंचने के लिए भारत, अमेरिका, रूस और यूरोपीय संघ के साथ इस होड़ में शामिल होना चाहता है. चीन अगले साल अपना मंगल मिशन शुरू करने वाला है. इससे पहले उत्तरी हुबेई प्रांत के हुइलाई काउंटी में गुरुवार को लैंडिंग टेस्ट किया गया.

टेस्टिंग देखने पहुंचे भारत के राजनयिक

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चीन की इस टेस्टिंग का कई देशों के राजनयिक गवाह बने जिसमें भारत भी शामिल है. साल 2014 में भारत मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचने वाला पहला एशियाई देश बना था. साथ ही अपने पहले प्रयास में ऐसा करने वाला देश भारत ही था. 450 करोड़ (73 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की लागत से मंगल मिशन शुरू करने वाला भारत दुनिया का अकेला देश है जो सबसे कम खर्च में इस मिशन पर है.

रोवर उतारने की तैयारी में चीन

हाल के वर्षों में चीन मानवयुक्त अंतरिक्ष यान भेजने वाला एक प्रमुख अंतरिक्ष शक्ति के रूप में उभरा है और चंद्रमा के अंधेरे पक्ष में एक रोवर उतारने की तैयारी में है. चीन फिलहाल खुद का एक अंतरिक्ष स्टेशन भी बना रहा है. हालांकि चीन इस क्रम में साल 2011 में एक बार असफल हो चुका है जब उसने रूसी एयरक्राफ्ट से मंगल पर एक्सप्लोरेटरी प्रोब यिंघुओ-1 भेजने की कोशिश की थी. लॉन्च के कुछ समय बाद ही प्रोब रास्ता भटक गया और बाद में इसके जलने की सूचना मिली.

2021 में मंगल पर लैंडिंग?

इस बारे में चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (सीएनएसए) ने कहा कि 2020 में मंगल मिशन लॉन्च करने की तैयारी है. चीन का लक्ष्य है कि एक बार के प्रक्षेपण से मंगल ग्रह के आसपास लैंडिंग टूर की जा सकेगी. साथ ही मंगल ग्रह की पूरी छानबीन की जा सकेगी. इसके 2021 से पहले मंगल ग्रह पर उतर जाने का अनुमान है. चीनी राष्ट्रीय अंतरिक्ष ब्यूरो ने फ्रांस, इटली, ब्राजील आदि 19 देशों के राजदूतों, और यूरोपीय संघ, चीन स्थित अफ्रीकी संघ, एशिया-प्रशांत अंतरिक्ष सहयोग संगठन के प्रतिनिधियों और मीडिया के संवाददाताओं समेत लगभग 70 लोगों को इस परीक्षण को देखने के लिए आमंत्रित किया.

Read more!

RECOMMENDED