कोरोना: भारत की ब्राजील से क्यों हो रही तुलना, हालात एक जैसे लेकिन मौत का आंकड़ा अलग

दोनों देशों की तुलना के पीछे तमाम कारण देखे जा रहे हैं. दोनों देश की स्थिति कई मायनों में एक जैसी नजर आती है. दोनों मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाएं हैं. दोनों ब्रिक्स राष्ट्र हैं. दोनों देशों में घनी आबादी वाले शहर हैं जहां बड़े स्लम मौजूद हैं. डेमोग्राफिक, आर्थिक और हेल्थ इंडिकेटर्स में भी दोनों देश आसपास नजर आते हैं.

ब्राजील में सरकार की तैयारियों की हो रही आलोचना (PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 20 मई 2020,
  • अपडेटेड 2:31 PM IST

  • कोरोना काल में ब्राजील और भारत की हो रही तुलना
  • कोरोना से मौत के मामले में ब्राजील काफी आगे
  • भारत के बाद ब्राजील में आया था पहला केस

भारत में कोरोना वायरस मरीजों का आंकड़ा एक लाख से पार चला गया है. जबकि तीन हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है. हर दिन पांच हजार के आसपास कोरोना के नये केस सामने आ रहे हैं और सौ से ज्यादा मौत हो रही हैं. कोरोना की इस स्पीड के तमाम पैमानों पर भारत की तुलना दुनिया के बाकी मुल्कों से हो रही है. इनमें एक देश ब्राजील भी है. दिलचस्प बात ये है कि हालात एक जैसे होने के बावजूद ब्राजील में भारत से पांच गुना ज्यादा मौत हो रही हैं.

दोनों देशों की तुलना के पीछे तमाम कारण देखे जा रहे हैं. दोनों देश की स्थिति कई मायनों में एक जैसी नजर आती है. दोनों मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाएं हैं. दोनों ब्रिक्स राष्ट्र हैं. दोनों देशों में घनी आबादी वाले शहर हैं जहां बड़े स्लम मौजूद हैं. डेमोग्राफिक, आर्थिक और हेल्थ इंडिकेटर्स में भी दोनों देश आसपास नजर आते हैं. दोनों देश कोरोना वायरस के बढ़ते बोझ से जूझ रहे हैं. दोनों देशों में मार्च के मध्य से कोरोना मरीजों की संख्या में तेज बढ़ोतरी देखी है.

भारत में कोरोना पहला मरीज जनवरी के आखिर में आया है, जबकि ब्राजील में पहला केस फरवरी में सामने आया. वहां इटली से लौटा शख्स कोरोना पॉजिटिव पाया गया था. लेकिन 13 मार्च तक, ब्राजील ने कुल केस की संख्या में भारत को पीछे छोड़ दिया. 21 मार्च तक, भारत में हर तीन दिन में केस दोगुने हो रहे थे. ब्राजील में मार्च के मध्य तक हर 2-3 दिन में केस दोगुने हो रहे थे. भारत में 25 मार्च से ही लॉकडाउन लागू कर दिया, लेकिन ब्राजील ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन नहीं लगाया.

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मौत के मामले में दुनिया में छठे नंबर पर ब्राजील

भारत में जहां लॉकडाउन कोरोना के प्रसार में रुकावट के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं ब्राजील में लॉकडाउन सख्ती से लागू न करना भारी पड़ता दिखाई दिया. हालात ये हो गये हैं कि ब्राजील में कोरोना मरीजों की संख्या अमेरिका और रूस के बाद सबसे ज्यादा है.

जॉन होपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक, 20 मई तक ब्राजील में कोरोना वायरस के कुल 2,71,885 केस हैं. ब्राजील से ज्यादा अमेरिका में 15,28,568 और रूस में 2,99,941 केस हैं. भारत की बात की जाये तो वो इस सूची में 11वें नंबर पर है और यहां कुल केस की संख्या बढ़कर 1,06,886 पहुंच गई है.

ब्राजील में कोरोना से 17983 लोगों की मौत हुई है. मौत के मामले में ब्राजील नंबर 6 पर है. ब्राजील से ऊपर स्पेन, फ्रांस, इटली, यूके और यूएस है. मौत के मामले में भारत 16वें नंबर पर है और यहां अब तक 3303 लोगों की जान गई है.

प्रति लाख आबादी केस में भी ब्राजील काफी आगे

सिर्फ इतना ही नहीं, एक लाख की आबादी के हिसाब से भी ब्राजील भारत से काफी आगे हैं. ब्राजील में एक लाख की आबादी कोरोना से औसत मरीजों की संख्या 104 है, जबकि भारत में यह संख्या महज 7.1 है. इस तरह देखा जाये तो भारत की स्थिति काफी बेहतर है.

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भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी दावा किया है कि पूरी दुनिया में कोरोना पर सबसे अच्छा कंट्रोल यहीं किया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने ट्वीट कर बताया कि दुनियाभर में प्रति लाख आबादी पर डेथ रेट का औसत 4.1 है, जबकि भारत में ये 0.2 है. इटली, ब्रिटेन और स्पेन जैसे विकसित देशों में यह औसत 50 से भी ज्यादा है.

यानी भारत कोरोना से मौत पर काबू पाने में काफी हद तक सफल रहा है. जबकि ब्राजील जैसे जिन देशों में कोरोना का पहला केस भारत के भी बाद आया था, वो न सिर्फ कोरोना केस में काफी ऊपर हैं, बल्कि वहां जान की भी काफी हानि हुई है.

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