कोलकाता लॉ कॉलेज में हुए गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठ रहे हैं. 30 अगस्त 2024 को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी गई थी, जबकि उनके खिलाफ चार मामले दर्ज थे और वे चार बार गिरफ्तार हो चुके थे. इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.