डीएम ने थामा हंसिया, खेत में काटी गेहूं की फसल... हमीरपुर जिलाधिकारी का वीडियो वायरल

यूपी के हमीरपुर जिले के जिलाधिकारी घनश्याम मीणा भीषण गर्मी के बीच खेत में उतरकर गेहूं की कटाई की, वो भी हंसिया चलाकर. दरअसल, डीएम फसल कटाई आंकलन और उत्पादकता मूल्यांकन के लिए गांव पहुंचे थे. जिले में कृषि उपज का सही डेटा तैयार करने के लिए यह फील्ड विजिट की गई थी. मौके पर उन्होंने खेत मालिक से फसल की स्थिति, मेहनत, लागत और कमाई से जुड़ी कई बातों की जानकारी ली.

Advertisement
डीएम हमीरपुर ने काटी फसल डीएम हमीरपुर ने काटी फसल

aajtak.in

  • हमीरपुर ,
  • 09 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 12:06 PM IST

अक्सर हम अफसरों को हम फाइलों के साथ मीटिंग्स  या फिर दौरा करते हुए देखते हैं, लेकिन जब कोई कलेक्टर खुद खेत में उतरकर किसानों के साथ काम करे, तो वो तस्वीर खास बन जाती है. यूपी के हमीरपुर जिले के जिलाधिकारी घनश्याम मीणा कुछ ऐसा ही कर गए. भीषण गर्मी के बीच खेत में उतरकर गेहूं की कटाई की, वो भी हंसिया चलाकर. ये नजारा था हमीरपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव कुछेछा का, जहां डीएम गेहूं के खेत में खुद कटाई का काम किया. इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. 

Advertisement

डीएम ने किसानों के साथ की बातचीत

दरअसल, डीएम घनश्याम मीणा फसल कटाई आंकलन और उत्पादकता मूल्यांकन के लिए गांव पहुंचे थे. जिले में कृषि उपज का सही डेटा तैयार करने के लिए यह फील्ड विजिट की गई थी. मौके पर उन्होंने खेत मालिक से फसल की स्थिति, मेहनत, लागत और कमाई से जुड़ी कई बातों की जानकारी ली. उन्होंने न केवल ज़मीनी हकीकत को समझा, बल्कि किसानों को यह भी प्रोत्साहित किया कि वर्ष में एक से अधिक फसल कैसे ली जा सकती है, ताकि आय में इजाफा हो सके.

ट्वीट से वायरल हुआ खेत वाला वीडियो

हमीरपुर डीएम ऑफिस के ट्विटर हैंडल @DmHamirpurUp से एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें घनश्याम मीणा हंसिया से गेहूं की फसल काटते नजर आ रहे हैं. वीडियो के साथ कैप्शन में बताया गया कृषि उपज के अनुमानों का आकलन करने एवं उत्पादकता के आंकड़ों के संकलन हेतु मुख्यालय के कुछेछा स्थित गेहूं के खेत में आज क्रॉप कटिंग की गई. किसान से कृषि कार्यों के संबंध में जानकारी ली तथा वर्ष में एक से अधिक फसल लेने हेतु प्रोत्साहित किया.

Advertisement

इस पहल को लोग सोशल मीडिया पर खूब सराह रहे हैं. कुछ यूज़र्स ने लिखा कि इसे कहते हैं प्रशासनिक संवेदनशीलता., तो किसी ने कहा – अगर हर जिले में ऐसे डीएम हों, तो किसानों की तकदीर बदल जाएगी.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement