लखनऊ में महज छह महीने पहले ब्याही गई 24 साल की मधु अब इस दुनिया में नहीं रही. मर्चेंट नेवी का सेकेंड अफसर अनुराग सिंह, जिसने उसके साथ सात फेरों का वचन लिया था, अब उसी पत्नी की मौत के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है.
5 अगस्त की सुबह मधु का शव घर में फंदे से लटका मिला, और कुछ ही घंटों में मधु के परिवार ने अनुराग पर गंभीर आरोपों की बौछार कर दी थी. मधु के पिता ने कहा ये आत्महत्या नहीं, सुनियोजित हत्या है. अगले ही दिन पुलिस ने जांच तेज करते हुए अनुराग को गिरफ्तार कर लिया.
रिश्तों में बंद हो गई सांसें
मधु सिंह, एक जिंदादिल, पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर युवती थी. वह जिंदगी को खुलकर जीना जानती थी. लेकिन शादी के छह महीने के भीतर ही उसकी जान चली गई.उसकी बहन प्रिया ने पुलिस को जो बताया, वो किसी भी आम इंसान की रूह कंपा दे. शादी के चंद दिन बाद ही मधु के जीवन में अंधेरा छाने लगा. पति अनुराग शक्की था, हिंसक था और सबसे खतरनाक, उसे दहेज चाहिए था.
15 लाख की मांग और रोज की मारपीट
परिवार के मुताबिक, अनुराग ने शादी के कुछ हफ्तों बाद ही मधु से 15 लाख रुपये की मांग की थी. जब यह नहीं मिला, तो मधु की जिंदगी नर्क बन गई. बात-बात पर मारपीट, शक, गालियां और मानसिक उत्पीड़न आम बात हो गई थी. प्रिया कहती हैं, अनुराग उसे जबरन शराब पिलाने को कहता था. अगर मना करती, तो बेल्ट से मारता. किसी से बात नहीं करने देता, यहां तक कि मुझसे भी बात बंद करवा दी.
रोते-रोते बताई सारी बाते
इस रिश्ते की दरार तब ज़्यादा साफ दिखी जब मधु ने अपनी बहन को फोन किया और कहा जल्दी आ जाओ, वरना ये मुझे मार देगा. उस कॉल की रिकॉर्डिंग आज भी मधु के मोबाइल में मौजूद है. उसकी कांपती आवाज़ रोती हुई सांसें, और उस घबराहट की गूंज उसके माता-पिता के जेहन में आज भी ताजा है.
मौत की रात – हादसा या हत्या?
आरोप है कि 4 अगस्त की रात को मधु और अनुराग एक साथ कार से निकले थे. अनुराग कार में शराब पी रहा था, मधु ड्राइव कर रही थी. रास्ते में गड्ढे से बचने पर अनुराग ने कहा लड़कों को देखकर गाड़ी घुमा दी?”और यहीं से विवाद शुरू हुआ. अगली सुबह अनुराग ने मधु के पिता को फोन कर कहा कि मधु ने सुसाइड कर लिया. लेकिन जब परिवार घर पहुंचा, तब तक मधु का शव फंदे से नीचे उतार दिया गया था. कमरे की हालत, बिखरी चीज़ें और दीवारों पर खरोंच के निशान ये नहीं बताते कि सब कुछ शांत था. कुछ न कुछ छुपाया जा रहा था.
नौकरानी का बयान शक की एक और परत
अनुराग ने पुलिस को बताया था कि उसने नौकरानी को छुट्टी दे दी थी. लेकिन जब पुलिस ने नौकरानी से बात की, तो उसने बताया कि वह तय समय पर पहुंची थी और दरवाजा बहुत देर तक खटखटाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. यह बयान भी संदेह को मज़बूती देता है.
मर्चेंट नेवी से छुट्टी और अचानक वापसी
परिजनों के अनुसार, अनुराग ने कहा था कि वह 30 अप्रैल को समुद्री ड्यूटी पर जा रहा है और छह महीने तक नहीं लौटेगा. लेकिन वह अचानक 22 जुलाई को घर लौट आया. और सिर्फ 10 दिन बाद मधु की मौत हो गई. इतनी जल्दी छुट्टी और फिर यह हादसा परिवार इसे महज इत्तेफाक नहीं मान रहा.
गर्भपात और चरित्र पर आरोप
सबसे संवेदनशील आरोप यह है कि मधु जब गर्भवती हुई, तो अनुराग ने उसे जबरन गर्भपात के लिए मजबूर किया. मधु के पिता का कहना है कि अनुराग के कई महिलाओं से रिश्ते थे, और जब मधु को इसका पता चला तो झगड़े और बढ़ गए. धीरे-धीरे मधु अंदर से टूटती चली गई.
पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि मधु के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस कॉल रिकॉर्ड, घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच, मोबाइल डेटा और नौकरानी के बयान के आधार पर आगे की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा. जो दोषी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा.
आशीष श्रीवास्तव