CBI की क्लोजर रिपोर्ट से निराश नजीब की मां ने कहा-लड़ाई जारी रहेगी

गौरतलब दें कि 15 अक्टूबर 2016 को जेएनयू का छात्र नजीब अहमद कैंपस से लापता हो गया था. उसके बाद से ही उसकी तलाश जारी थी. सीबीआई ने उसका सुराग देने वाले को 10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा भी की थी.

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जेएनयू के छात्र नजीब की मां नफीस फातिमा और छात्रसंघ अध्यक्ष एन साईं बालाजी जेएनयू के छात्र नजीब की मां नफीस फातिमा और छात्रसंघ अध्यक्ष एन साईं बालाजी

स्मिता ओझा / विवेक पाठक

  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 9:56 PM IST

दो साल पहले दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के हॉस्टल से गायब हुए छात्र नजीब अहमद के मामले में कोर्ट में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर नजीब की मां नफीस फातिमा ने सीबीआई की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए लड़ाई जारी रखने की बात कही है.

जेएनयू में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष एन साईं बालाजी, नजीब की मां नफीस फातिमा और मारपीट के चश्मदीद मोहित ने पूरे मामले में पुलिस और सीबीआई पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया. नफीस फातिमा ने इस मामले में हाई कोर्ट में अपील की थी कि इसकी जांच एसआईटी के जरिए कराई जाए. लेकिन कोर्ट ने फातिमा की अपील को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे की गुमशुदगी के मामले में ऊपरी अदालती जाने की पूरी आजादी है.

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नजीब की मां फातिमा का कहना है कि वे कोर्ट के फैसले से दुखी हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि दो साल बाद शायद कोई ठोस फैसला आएगा. उन्होंमे कहा कि पहले दिन से मेरे साथ नाइंसाफी हुई, पुलिस ने गुमराह करते हुए मनमानी रिपोर्ट लिखवाई. फातिमा ने कोर्ट और पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया.

नजीब की मां ने केंद्र की मोदी सरकार को भी खूब कोसा उन्होंने कहा कि एक मां की बद्दुआ हुकूमत को जरूर लगेगी. हमे हर कदम पर दबाया गया. उन्होंमे कहा कि इतनी बड़ी एजेंसी सीबीआई ने मुझसे वादा किया था कि वो मेरे बेटे को लेकर आएंगे. उन्होंने कहा था कि वो पांच साल बाद भी गुमशुदा लोगो को वापस लेकर आए हैं. तो वो आज 2 साल में ही केस क्लोज क्यों कर रही है?

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नफीस फातिमा ने कहा कि नजीब के गुमशुदगी की तारीख 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री आवास तक कूच करंगे. इस मार्च में और भी ऐसी माताएं होंगी जिनके बेटों को इंसाफ नही मिला. नजीब की मां ने कहा बेऔलाद हुकूमत को क्या पता कि औलाद का दर्द क्या होता है.  मुझे अब सरकार से कोई उम्मीद नही है, हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

नजीब की मां के अनुसार वो जिस दिन गुमशुदा हुआ उसके एक रात पहले उसे कुछ लड़कों ने उसे पीटा था और उस पूरी मारपीट के चश्मदीदों में से एक मोहित ने भी पुलिसिया जांच पर सवाल उठाए. उसका कहना था कि जब बारबार उन लड़कों का नाम दिया जा रहा था तो आखिर उनसे अभी तक पूछ-ताछ क्यों नही की गई.

सवालों के बीच मे 14 अक्टूबर को जेएनयू छात्र संघ कैंपस में 'जस्टिस फ़ॉर नजीब'  प्रोग्राम को आयोजित किया जाएगा. जिसके बाद 15 अक्टूबर को दिल्ली के तमाम छात्र संगठन एक साथ मिल कर प्रधानमंत्री आवास का कूच करेंगे.

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