दुनिया समेत भारत में फैली कोरोना महामारी पर शिकंजा कसने के लिए देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है. इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सबकुछ बंद रहेगा. हालांकि भारत में पहली बार हुए लॉकडाउन के कारण कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं. इस लॉकडाउन के चलते पश्चिम बंगाल में ट्रक ड्राइवरों को भूखे पेट रहना पड़ रहा है.
हजारों ट्रक ड्राइवर भोजन के लिए संघर्ष कर रहे हैं. वे सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर एलपीजी गैस सिलेंडर भरने के लिए गैस टैंकर लेकर आ रहे हैं. लेकिन लॉकडाउन के कारण आवश्यक सेवाओं में शामिल दो हजार एलपीजी गैस टैंकर पश्चिम बंगाल के नेशनल हाईवे 116बी, मेचेडा से हल्दी रूट में फंसा है.
बंगाल में लॉकडाउन होने से ये ट्रक ड्राइवर दो दिन से फंसे गैस टैंकर के इंतजार में बैठे हैं, क्योंकि ज्यादातर कर्मचारी हल्दिया छोड़ अपने गांव चले गए हैं इसलिए उन्हें सप्लाई में मदद करने के लिए कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं है. उनका बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, असम और नेपाल उनके लिए वर्क परमिट के क्षेत्र हैं.
40 वर्षीय ट्रक ड्राइवर धर्मेंद्र यादव ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि मैं अपने परिवार को छोड़कर यहां आया हूं. लेकिन यहां कोई दुकान नहीं खुली और मेरे पास खाने को कुछ नहीं है. यहां कच्ची सब्जियां भी उपलब्ध नहीं हैं. वहीं रोड साइड खाने के फूड स्टेशन भी बंद हो गए हैं. उन्होंने कहा कि वे आमतौर पर अपने साथ खाना लेकर नहीं जाते और अब उनके पास खाना बनाने लिए भी कुछ नहीं है.
खाने की दुकानें बंद
एक अन्य ट्रक ड्राइवर सुनिल यादव कहते हैं, हमारे पास खाने को कुछ नहीं है और हम क्या खाएंगे ये भी नहीं पता क्योंकि दुकानें सभी बंद हैं. अगर खुलता भी है तो हम जाने में असमर्थ है, क्योंकि पुलिस हमें जाने की अनुमति नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि हम गैस टैंकर को रोक भी नहीं सकते क्योंकि यह आवश्यक सेवाओं में से एक है.
इस तरह हजारों ड्राइव हल्दिया की सड़कों पर ट्रक पार्क कर खा रहे हैं जो भी खाने के लिए जुटा पा रहे हैं. बता दें कि सभी सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. वहीं घर के बाहर, गली और कॉलोनियों में किसी भी तरह की गैर-जरूरी आवाजाही पर भी प्रतिबंध है.
आजतक चैनल पर इस खबर के चलने के बाद सरकार का कहना है कि वे तत्काल प्रभाव से इस समस्या का हल निकालेंगे. वहीं, हल्दिया के एसडीपीओ तन्मय मुखर्जी का कहना है कि हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. हम इसे ध्यान में रखेंगे और ड्राइवरों को बाजार में जाने की अनुमति देंगे.
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मनोज्ञा लोइवाल