जेपी इंफ्रा के खरीदारों ने पीएम मोदी और सीएम योगी से लगाई गुहार

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने आईडीबीआई बैंक द्वारा कर्ज में डूबी जेपी इंफ्राटेक के खिलाफ दायर ऋण शोधन याचिका (इंसॉल्वेंसी पेटीशन) स्वीकार कर ली है यानी जेपी इंफ्राटेक के दिवालिया घोषित होनी की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

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खरीदारों की पीएम मोदी और सीएम योगी से गुहार खरीदारों की पीएम मोदी और सीएम योगी से गुहार

रोशनी ठोकने / सुरभि गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने आईडीबीआई बैंक द्वारा कर्ज में डूबी जेपी इंफ्राटेक के खिलाफ दायर ऋण शोधन याचिका (इंसॉल्वेंसी पेटीशन) स्वीकार कर ली है यानी जेपी इंफ्राटेक के दिवालिया घोषित होनी की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस खबर के सामने आने के बाद शुक्रवार को फ्लैट खरीदारों ने जेपी के सेक्टर 128 नोएडा के कॉरपोरेट ऑफिस के सामने की सड़क जाम कर प्रदर्शन किया. इतना ही नहीं खरीदारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई है कि सरकार और अथॉरिटी खरीदारों का दर्द समझे और उनके हित में फैसले ले, जिन्होंने अपनी सारी पूंजी एक अदद आशियाने कि आस में लगा दी.

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ग्राहकों को सता रहा ये डर

सरकारी नौकरी से रिटायर होने के बाद 65 साल के बलदेव सचदेव नें सोचा कि रिटायरमेंट के पैसे से खुद का घर खरीद बुढ़ापा आराम से गुजारेंगे. इसलिए 2010 में जेपी के कॉसमास प्रोजेक्ट में घर बुक कराया लेकिन 80 फीसदी पैसा देने के बाद घर अब तक नहीं मिला है. बलदेव सचदेव ने बताया, 'हमने तो रिटायरमेंट का सारा पैसा लगा दिया, फिर भी किराए पर रह रहे हैं. हालात ये हैं कि किराये के घर में बुढ़ापा गुजर रहा है. घर तो मिला नहीं लेकिन समय पर लोन की किश्तें भरते हैं, किराया देते हैं बच्चों के स्कूल-कॉलेज की फीस भरते हैं. अब ऐसे में एक ही आस थी कि नई सरकार ग्राहकों के हित में कोई फैसला सुनाएगी. मगर अब डर लग रहा है कि जेपी इंफ्रा के दिवालिया होने के बाद कहीं हमारा दीवाला ना निकल जाए. बलदेव जी की तरह दूसरे खरीददारों ने सुनवाई ना होने की वजह से जेपी के दफ्तर के सामने सड़क ही जाम कर दी और शनिवार को बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दे डाली.

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क्या है पूरा मामला

-एनसीएलटी ने आईडीबीआई बैंक द्वारा कर्ज में डूबी जेपी इंफ्राटेक के खिलाफ दायर ऋण शोधन याचिका (इंसॉल्वेंसी पेटीशन) स्वीकार की है.

-जेपी इंफ्राटेक को आईडीबीआई के 4000 करोड़ रुपये चुकाने हैं.

-जेपी इंफ्रा को 180 दिन की मोहलत दी जाएगी, जिसमें उसे अपना कर्ज लौटाने का रोडमैप देना होगा.

-जेपी इंफ्रा रोडमैप देने में फेल होती है तो अगले 90 दिनों की नोटिस के बाद जेपी इंफ्रा को दीवालिया घोषित किया जाएगा.

-फिर जेपी इंफ्राटेक की संपत्तियों को नीलाम किया जाएगा.

-जेपी को 32 हजार लोगों को घर बनाकर देने हैं.

अगर जेपी इंफ्रा को दिवालिया घोषित किया जाता है तो इसका सबसे बड़ा असर ग्राहकों पर पड़ेगा. ऐसे में अपने आशियाने का वर्षों से इंतजार कर रहे खरीदारों को जेपी इंफ्रा के दिवालिया होने की खबर ने दोहरा झटका दिया है. पहले से ही EMI और रेंट के चक्कर में उलझे खरीदार इस पशोपेश में हैं कि अगर जेपी दीवालिया घोषित हो गया, तो उन्हें घर मिलेगा या नहीं.

 

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