पूर्व अंपायर डार्ल हार्पर ने कहा है कि डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) से अंपायर्स कॉल को हटा देना चाहिए, क्योंकि यह अपनी शुरुआत से ही खिलाड़ियों और प्रशंसकों की लिहाज से विफल रहा है. पूर्व ऑस्ट्रेलियाई अंपायर डार्ल हार्पर ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड से बात करते हुए कहा, 'मैंने काफी अंपायर्स कॉल देखे हैं. इसे बैन कर देते हैं. इस विवाद से पीछा छुड़ाते हैं. गेंद का किसी भी तरह से स्टंप्स से संपर्क गिल्लियों को उड़ा देगा, 48 प्रतिशत, 49 प्रतिशत नहीं.'
डार्ल हार्पर ने कहा, 'सच्चाई यह है कि 12 साल से यह है और लोग अभी तक इसे अच्छे से समझे नहीं हैं, खिलाड़ी भी इसे लेकर परेशान रहते हैं. यह बताता है कि कुछ कमियां हैं या तो बताने में या समझने में. उन्होंने कहा, 'आईसीसी की तरफ से कुछ काम किया जाना चाहिए.'
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डीआरएस तब अंपायर्स कॉल के साथ जाता है जब वह अपने फैसले को लेकर साफ नहीं रहता कि बल्लेबाज आउट है या नहीं. महान बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर ने आईसीसी से इसे दोबारा देखने के बारे में कहा था.
बता दें कि आईसीसी के एलीट अंपायरों के पैनल में रहे डार्ल हार्पर को भारत में सचिन तेंदुलकर को कंधे पर गेंद लगने के बाद एलबीडब्ल्यू आउट देने के लिए याद किया जाता है.
1999 एडिलेड टेस्ट मैच में सचिन ने मैक्ग्रा की शॉर्ट गेंद को रोकने की कोशिश की थी और उससे बचने के लिए बैठ गए थे, लेकिन गेंद ज्यादा उठी नहीं थी और सचिन के कंधे पर लगी थी. ऑस्ट्रेलिया ने इस पर अपील की और हार्पर ने सचिन को आउट दे दिया.
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