चीफ सेलेक्टर सुनील जोशी के नाम है ये खास रिकॉर्ड, कोई भारतीय नहीं तोड़ पाया

पूर्व स्पिनर सुनील जोशी को बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने राष्ट्रीय चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है.

Advertisement
सुनील जोशी की कातिलाना गेंदबाजी सुनील जोशी की कातिलाना गेंदबाजी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 10:45 AM IST

  • सुनील जोशी का 1999 में धमाकेदार प्रदर्शन
  • किफायती गेंदबाजी कर सुर्खियों में रहे थे

पूर्व स्पिनर सुनील जोशी को बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने राष्ट्रीय चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है. जबकि पांच सदस्यीय इस समिति में पूर्व तेज गेंदबाज हरविंदर सिंह को भी शामिल किया. सीएसी में पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल, आरपी सिंह और सुलक्षणा नाइक शामिल हैं, जिन्होंने दोनों चयनकर्ताओं को चुना. जिसमें जोशी ने दक्षिण क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में एमएसके प्रसाद की जगह ली.

Advertisement

मदन लाल ने कहा कि हमने इस काम के लिए सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार का चयन किया है. उन्होंने कहा, 'सुनील जोशी का चयन इसलिए किया क्योंकि उनके विचार स्पष्ट थे.’ जोशी के बारे में उन्होंने कहा, ‘हमें उनका स्पष्ट रवैया अच्छा लगा. वह अनुभवी भी हैं (बांग्लादेश टीम के सपोर्ट स्टाफ में रहे हैं).’

सुनील जोशी ने 1996 से 2001 के बीच भारतीय टीम के लिए 15 टेस्ट में 35.85 की औसत से 41, जबकि 69 एकदिवसीय में 36.36 की औसत से 69 विकेट लिए हैं. कर्नाटक के इस दिग्गज ने प्रथम श्रेणी के 160 मैचों में 25.12 की औसत से 615 विकेट चटकाए हैं.

ये भी पढ़ें- चीफ सेलेक्टर के लिए सुनील जोशी क्यों चुने गए? मदन लाल ने बताई वजह

सुनील जोशी का नाम सीमित ओवरों के क्रिकेट के बेहतरीन स्पिनरों में भले ही शुमार न होता हो, लेकिन उनके नाम अभी भी एक बेहतरीन रिकॉर्ड है. दरअसल, वह भारत की ओर से वनडे इंटरनेशनल में सबसे किफायती पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम रखते हैं, जो दो दशक बाद भी कायम है.

Advertisement

26 सितंबर 1999 को नैरोबी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चतुष्कोणीय सीरीज (एलजी कप) के दूसरे मुकाबले में सुनील जोशी ने घातक गेंदबाजी कर सुर्खियां बटोरी थीं. इस टूर्नामेंट की अन्य दो टीमें केन्या और जिम्बाब्वे थीं.

उस वक्त भारतीय टीम बिना अनिल कुंबले के उतरी थी. दूसरी तरफ मोहम्मद अजहरुद्दीन की गैर मौजूदगी में अजय जडेजा ने टीम का नेतृत्व किया था. दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रोनिए ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी चुनी. दुर्भाग्य से उनकी टीम के लिए भारतीय स्पिनर सुनील जोशी 'काल' बन गए.

कप्तान जडेजा ने सुनील जोशी को 10वें ओवर में आक्रमण पर लगाया. फिर क्या था जोशी ने अपना काम कर दिखाया. उन्होंने आते ही दूसरी गेंद पर हर्शल गिब्स (18) को लौटाया. इसके बाद उन्होंने बोएटा डिपेनार (17) कप्तान क्रोनिए (2), जोंटी रोड्स (1) और शॉन पोलॉक (0) के विकेट चटकाए.

सुनील जोशी ने महज 6 रन देकर 5 विकेट चटकाए. उनकी 10 ओवर की गेंदबाजी में 6 मेडन रहे. जोशी का गेंदबाजी विश्लेषण रहा- 10-6-6-5. यह वनडे इंटरनेशनल के इतिहास में संयुक्त रूप से दूसरा सबसे किफायती पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड है. 2016 में जिम्बाब्वे के ल्यूक जोंगवी ने शारजाह में अफगानिस्तान के खिलाफ इतने ही रन देकर (6 रन) देकर 5 विकेट निकाले थे.

Advertisement

वनडे में सबसे किफायती 5 विकेट लेने की बात करें, तो 1986 में वेस्टइंडीज के कर्टनी वॉल्श ने श्रीलंका के खिलाफ शारजाह में महज 1 रन देकर 5 विकेट निकाले थे. वॉल्श का गेंदबाजी विश्लेषण रहा था- 4.3-3-1-5.

वनडे इंटरनेशनल: सबसे कम रन देकर 5 विकेट

1. कर्टने वॉल्श- 4.3-3-1-5

2. सुनील जोशी- 10-6-6-5

-ल्यूक जोंगवी - 5.1-1-6-5

सुनील जोशी की कातिलाना गेंदबाजी के आगे अफ्रीकी टीम 48 ओवरों में 117 रनों पर ढेर हो गई थी. जोशी के अलावा ऑफ स्पिनर निखिल चोपड़ा ने तीन विकेट झटके थे. भारत ने 22.4 ओवरों में 120/2 रन बनाकर 8 विकेट से वह मैच जीत लिया. टूर्नामेंट का फाइनल भी इन्हीं दो टीमों में हुआ, जिसमें साउथ अफ्रीका ने बाजी मारी थी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement