ICC के नियम पर बवाल, युवी-गंभीर के बाद टीम इंडिया की 'रन मशीन' ने भी उठाए सवाल

लॉर्ड्स के मैदान पर रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर आईसीसी विश्व कप-2019 का खिताब अपने नाम कर लिया. लेकिन इस मैच के बाद आईसीसी के नियमों को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

टीम इंडिया (PHOTO- ICC)
अजीत तिवारी
  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 4:34 PM IST

आईसीसी वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने जीत हासिल कर पहली बार क्रिकेट के खिताब पर कब्जा किया. लॉर्ड्स के मैदान पर रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर आईसीसी विश्व कप-2019 का खिताब अपने नाम कर लिया. लेकिन इस मैच के बाद आईसीसी के नियमों को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

क्रिकेट के इस महासंग्राम में सबसे ज्यादा 648 रन बनाने वाले रोहित शर्मा ने कहा कि आईसीसी के कुछ नियमों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है. उन्होंने ट्वीट किया, 'क्रिकेट के कुछ नियमों को गंभीर रूप से देखे जाने की जरूरत है.'

रोहित शर्मा के अलावा पूर्व भारतीय खिलाड़ी और वर्तमान में बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने भी आईसीसी के नियमों पर सवाल खड़े किए हैं. गंभीर ने कहा कि बाउंड्री की संख्या के आधार पर टीम को विजेता बनाने का नियम बेतुका है.

उन्होंने कहा, 'मैच के विनर का फैसला बाउंड्री की संख्या के आधार पर हुआ. आईसीसी का ये नियम बेतुका है. मैच टाई होना चाहिए था. मैं दोनों टीमों को बधाई दूंगा जिन्होंने बेहतरीन फाइनल खेला. दोनों विजेता हैं.'

गंभीर के अलावा पूर्व भारतीय खिलाड़ी युवराज सिंह ने भी आईसीसी के इस नियम से असहमति जताई. युवी ने ट्वीट किया, 'मैं आईसीसी के उस नियम से सहमत नहीं हूं. लेकिन नियम तो नियम होते हैं. इंग्लैंड को आखिरकार विश्व कप जीतने की बधाई. मेरी सहानुभूति न्यूजीलैंड की टीम के साथ है, जो आखिर तक लड़े. अच्छा खेले.'

वो नियम जिस पर मचा बवाल- बाउंड्री से जीत का फैसला

बता दें कि क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले के बाद आईसीसी के नियमों के लेकर सवाल उठ रहे हैं. इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबले में मैच और फिर सुपर ओवर के टाई होने के बाद बाउंड्री की संख्या के आधार पर इंग्लैंड की टीम को विजेता घोषित कर दिया गया.

इस मैच में इंग्लैंड ने 50 ओवर और सुपर ओवर को मिलाकर कुल 26 बाउंड्री (चौके और छक्के) लगाए थे. वहीं, न्यूजीलैंड के खाते में सिर्फ 17 बाउंड्री ही थे. ऐसे में मैच के टाई होने के बाद इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया गया. आईसीसी के इस नियम के खिलाफ सोशल मीडिया पर भी लोगों ने जमकर आवाज उठाई है.

थ्रो पर बल्लेबाज को लगी गेंद फिर भी नॉट आउट

वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में मार्टिन गप्टिल का थ्रो रन के लिए दौड़ रहे बेन स्टोक्स के हाथ से लगकर बाउंड्री के पार पहुंच गया. हालांकि, अंपायर ने इसे आउट देने के बजाय 4 रन दिए. इस नियम पर भी सवाल उठे हैं.

आईसीसी के नियम के मुताबिक अगर रन दौड़ते समय बल्लेबाज थ्रो के सामने आता है और गेंद उसके बल्ले या शरीर से रुक जाती है तो ज्यादातर मामलों में उसे आउट माना जाता है. हालांकि, ऐसे समय में फैसला लेने का सारा अधिकार अंपायर के पास होता है.

पहली गेंद पर अंपायर्स कॉल से मचा बवाल

रविवार को फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के 241 रनों का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम के सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय को ट्रेंट बोल्ट की पहली ही गेंद पर अंपायर्स कॉल ने बचा लिया. दरअसल, बोल्ट की इस गेंद पर रॉय साफ तौर पर एलबीडब्ल्यू थे लेकिन अंपायर ने अपील करने के बाद कोई इशारा नहीं दिया जिससे वो बच गए.

हालांकि, अंपायर के इस फैसले के खिलाफ न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने रिव्यू लिया और फिर रिप्ले में देखा गया कि जेसन रॉय साफ-साफ आउट थे. लेकिन अंपायर कॉल होने के कारण रिव्यू भी काम न आया और जेसन रॉय बिना खाता खोले आउट होने से बच गए.

आईसीसी के इस नियम पर भी सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि जब रिव्यू लेने के बाद यह पता चला कि जेसन रॉय आउट थे तो उन्हें आउट दिया जाना चाहिए था. नहीं तो केन विलियमसन के रिव्यू लेने का क्या फायदा हुआ. अब इन नियमों को लेकर पूर्व खिलाड़ियों से लेकर मौजूदा खिलाड़ी भी आवाज उठाने लगे हैं.

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