जानिए, कब है वैशाख पूर्णिमा और क्या है इसका महत्व?

चन्द्रमा इस तिथि के स्वामी होते हैं, अतः इस दिन हर तरह की मानसिक समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है. इस दिन स्नान, दान और ध्यान विशेष फलदायी होता है. इस दिन सत्यनारायण देव या शिव जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए.

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भगवान विष्णु की फोटो भगवान विष्णु की फोटो

रोहित

  • ,
  • 29 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 9:13 AM IST

वर्ष 2018 में वैशाख पूर्णिमा 30 अप्रैल को है. हालांकि पूर्णिमा तिथि का आरंभ 29 अप्रैल को सूर्योदय के कुछ समय पश्चात होने से इस दिन पूर्णिमा उपवास रखा जाएगा. पूर्णिमा तिथि, पूर्णत्व की तिथि मानी जाती है. इस तिथि को चन्द्रमा सम्पूर्ण होता है, सूर्य और चन्द्रमा समसप्तक होते हैं. इस तिथि पर जल और वातावरण में विशेष ऊर्जा आ जाती है.

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चन्द्रमा इस तिथि के स्वामी होते हैं, अतः इस दिन हर तरह की मानसिक समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है. इस दिन स्नान, दान और ध्यान विशेष फलदायी होता है. इस दिन सत्यनारायण देव या शिव जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए.

वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व क्या है?

- इस दिन को दैवीयता का दिन माना जाता है.

- इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म भी हुआ था.

- इस दिन ध्यान, दान और स्नान विशेष लाभकारी होता है.

- इस दिन ब्रह्म देव ने काले और सफेद तिलों का निर्माण भी किया था.

- अतः इस दिन तिलों का प्रयोग जरूर करना चाहिए.

- इस बार वैशाख पूर्णिमा 30 अप्रैल को रहेगी.

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इस बार की पूर्णिमा की खास बातें क्या हैं?

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- चन्द्रमा के साथ विशाखा नक्षत्र की स्थिति होगी.

- बृहस्पति चंद्र का अद्भुत योग भी होगा.  

- स्वास्थ्य और जीवन का कारक सूर्य अपनी उच्च राशि में होगा.  

- इसके अलावा सुख को बढ़ाने वाला ग्रह शुक्र भी स्वगृही होगा.  

- इस पूर्णिमा को स्नान और दान करने से चन्द्रमा की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी.

- साथ ही साथ आर्थिक स्थिति भी अच्छी होती जाएगी.  

किस प्रकार करें आज स्नान और दान ताकि ग्रहों की स्थितियां बेहतर हो सकें?

- प्रातः काल स्नान के पूर्व संकल्प लें.

- पहले जल को सर पर लगाकर प्रणाम करें.

- फिर स्नान करना आरम्भ करें.

- स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य दें.

- साफ वस्त्र या सफेद वस्त्र धारण करें, फिर मंत्र जाप करें.

- मंत्र जाप के पश्चात सफेद वस्तुओं और जल का दान करें.

- चाहें तो इस दिन जल और फल ग्रहण करके उपवास रख सकते हैं.

भगवान बुद्ध से इस पूर्णिमा का क्या सम्बन्ध है?

- वैशाख पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था.

- इसी दिन भगवान बुद्ध को ज्ञान भी मिला था.

- और इसी दिन भगवान बुद्ध ने अपनी देह का त्याग भी किया था.

- वैशाख पूर्णिमा भगवान बुद्ध के जीवन से बहुत गहराई से जुड़ी हुई है.

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- इस दिन भगवान बुद्ध का ध्यान करना विशेष लाभदायक होता है.

- दुनिया भर में इस दिन भगवान बुद्ध की याद में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

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