कार्तिक मास में जलाएं मनोकामना के दीपक, हर दिये का अलग महत्व

कार्तिक का महीना दीपदान के लिए विशेष होता है. इस महीने में अलग अलग मुखों के दीपक जलाकर हम अपनी अलग-अलग मनोकामनाओं को पूरा कर सकते हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 8:05 AM IST

हिन्दू परंपरा में पांच तत्वों पर विशेष जोर दिया गया है. हम पृथ्वी ,जल, अग्नि, आकाश और वायु सबमे ईश्वर का अंश देखते हैं.  इन पांचों तत्वों में अग्नि को सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है. अग्नि के प्रतीक के रूप में दीपक को सबसे ज्यादा मूल्यवान और पवित्र माना जाता है. दीपक का महत्व इतना ज्यादा है कि ,हम दीपों का एक पूरा पर्व "दीपावली" भी मनाते हैं. हम ईश्वर को प्रकाश के रूप में  मानते हैं. अतः दीपक जलाकर उसकी ज्योति के रूप में ईश्वर का ध्यान करते हैं. दीपक से मन एकाग्र होता है और एकाग्र मन से की गयी प्रार्थना स्वीकृत होती है. कार्तिक का महीना दीपदान के लिए विशेष होता है. इस महीने में अलग अलग मुखों के दीपक जलाकर हम अपनी अलग-अलग मनोकामनाओं को पूरा कर सकते हैं.

एक मुखी दीपक

सामान्य रूप से हर पूजा पाठ और मंत्र जाप के पूर्व एक मुखी दीपक जलाया जाता है.

इस दीपक में दो बातियां होती हैं जिसमें से सिर्फ एक सिरा जलाया जाता है.

इस तरह के दीपक को जलाकर कोई भी पूजा उपासना की जा सकती है.

इस तरह के दीपक को जलाने से ईश्वर की कृपा सरलता से मिल सकती है.

ये दीपक पूरे कार्तिक माह में तुलसी के पौधे के नीचे जलाया जाता है   

दो मुखी दीपक

दो मुखी दीपक सामान्य रूप से नहीं जलाया जाता.

इस दीपक का प्रयोग स्वास्थ्य और आयु रक्षा के लिए किया जाता है.

इस तरह के दीपक में भी दो बातियां होती हैं , जिसमे दो सिरे जलाए जाते हैं.

कार्तिक मास में शिव जी के समक्ष दो मुखी दीपक जलाएं

ऐसा करने से आयु और स्वास्थ्य की समस्याओं से रक्षा होगी   

ध्यान रखें कि दीपक घी का होना चाहिए.

तीन मुखी दीपक

तीन मुखी दीपक विशेष दशाओं में खूब लाभकारी होता है.

इस तरह के दीपक को जलाने से शत्रु बाधा और विरोधियों की समस्या दूर हो जाती है.

इस तरह के दीपक में भी दो बातियां होती हैं और तीन सिरे जलाए जाते हैं.

इस दीपक में सरसों का तेल भरने से शीघ्र लाभ होगा.

चार मुखी दीपक

हर तरह की विशेष कामनाओं की पूर्ति के लिए चार मुखी दीपक जलाया जाता है.

धन प्राप्ति, ग्रह दोष निवारण और सिद्धि प्राप्त करने के लिए इस दीपक का सबसे ज्यादा प्रयोग होता है.

इस तरह के दीपक में दो बातियां होती हैं और चारों सिरे जलाए जाते हैं.

इस तरह का दीपक मुख्य पूजा स्थान पर जलाया जाता है और यह जितना बड़ा हो उतना ही अच्छा होता है.

इस बात का जरूर ख्याल रखें कि दीपक में घी ही भरा जाएगा.

अगर कार्तिक मास में ये दीपक मां लक्ष्मी के सामने नित्य जलाया जाय तो, धन सम्बन्धी समस्याएं दूर होती हैं  

छह मुखी दीपक

संतान की प्राप्ति और संतान सम्बन्धी समस्याओं के निवारण के लिए छह मुखी दीपक जलाया जाता है. इस तरह के दीपक में तीन बातियां होती हैं और इन बातीयों के छह सिरों को जलाया जाता है. इस दीपक को अगर पति पत्नी एक साथ जलाएं तो संतान सम्बन्धी समस्याओं का निवारण आसानी से हो जाता है. जिन दम्पत्तियों को संतान संबंधी कोई समस्या है वो गणेश जी के सामने छः मुखी दीपक जलाएं.

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