मंगला गौरी व्रत से हो रही सावन की शुरुआत, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि 

Sawan 2023: इस साल 4 जुलाई मंगलवार से सावन का पवित्र महीना शुरू होने जा रहा है. सावन के पहले दिन मंगला गौरी व्रत पड़ रहा है. इस दिन मां मंगला गौरी की उपासना करने वालों पर मां पार्वती और भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा बरसती है. 

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मंगला गौरी व्रत पूजा शुभ मुहूर्त मंगला गौरी व्रत पूजा शुभ मुहूर्त

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 6:30 AM IST

सावन का पवित्र महीना इस साल 4 जुलाई मंगलवार से शुरू होने जा रहा है. सावन के पहले ही दिन मंगला गौरी व्रत पड़ रहा है. इस दिन जो भी मां मंगला गौरी को उपासना करता है, उसपर मां पार्वती और भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा बरसती है. इस सावन 9 मंगलवार पड़ रहे हैं, ऐसे में 9 मंगला व्रत रखे जाएंगे.

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मान्यता है कि सावन में मंगला गौरी व्रत करने से विवाह और वैवाहिक जीवन से जुड़ी हर परेशानी दूर की जा सकती है. साथ अगर किसी पर मंगल दोष भारी है तो इस दिन पूजा करना काफी लाभदायक होता है. वहीं, महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए भी मंगला गौरी व्रत रखती हैं.

मंगला गौरी व्रत शुभ मुहूर्त 

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 4 जुलाई को सावन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिप्रदा तिथि है. साथ ही इस दिन इंद्र योग और त्रिपुष्कर योग भी बन रहा है. मान्यता है कि इन दोनों शुभ योग में पूजा - पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. 

ज्योतिष विद्वानों के अनुसार, इस बार मंगला गौरी व्रत की पूजा सुबह 8 बजकर 45 मिनट से दोपहर 2 बजकर दस मिनट के बीच की जा सकती है.

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मंगला गौरी व्रत में ऐसे करें पूजा
मंगला गौरी व्रत के मौके पर सबसे पहले सुबह उठकर नहाएं और साफ कपड़े पहन लें. इसके बाद किसी मंदिर जाकर या घर पर पूजा करें. पूजन के लिए सबसे पहले शिवलिंग पर जल चढ़ाएं. इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ पूजा शुरू करें. इस व्रत के लिए भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा एक साथ करें.

पूजा के दौरान मां पार्वती को अक्षत, कुमकुम, फूल, फल, माला और सोहल श्रंगार की सामग्री व सुहाग का सारा सामान अर्पित करें. जिसके बाद फूल चढ़ाएं और सबसे आखिर में धूप व दीप जालकर आरती करें.

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